
कटनी। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक इमारत हादसे में जान गंवाने वाले कटनी के 19 वर्षीय छात्र अक्षत यादव का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह करीब 7 बजे उनके गृह नगर स्थित दुबे कॉलोनी पहुंचा।
जैसे ही एंबुलेंस अक्षत का पार्थिव शरीर लेकर घर पहुंची, परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गमगीन हो गया। अपने इकलौते बेटे का शव देखकर माता-पिता बेसुध होकर बिलख पड़े। परिजनों को संभाल रहे रिश्तेदारों और पड़ोसियों की आंखें भी नम हो गईं।
अक्षत दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम ऑनर्स की पढ़ाई कर रहा था और सत्य निकेतन स्थित एक पीजी में रह रहा था। डीएसपी स्कूल की प्रिंसिपल सीमा दुबे ने अक्षत को बचपन से ही मेधावी, अनुशासित और विनम्र छात्र बताते हुए गहरा दुख जताया।
बताया गया कि अक्षत का सपना यूपीएससी परीक्षा पास कर देश की सेवा करने का था, लेकिन हादसे ने महज 19 साल की उम्र में उसके सपनों को खत्म कर दिया। पूर्व पार्षद डब्बू रजक के अनुसार, परिजनों को हादसे की जानकारी रात करीब डेढ़ बजे मिली। हादसे के समय अक्षत के पिता राजस्थान के कोटा में थे। सूचना मिलते ही वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
बताया गया कि हादसे से प्रभावित 12 लोगों में से 11 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली सरकार, स्थानीय प्रशासन और कटनी जिला प्रशासन के सहयोग से अक्षत का पार्थिव शरीर सुरक्षित कटनी लाया गया।







