
कटनी। एनकेजे रेलवे स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर यूनियन एवं एनएसयूआई द्वारा किए गए आंदोलन का असर अब सामने आया है। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने के मुद्दे को लेकर संगठन पदाधिकारियों ने धरना–प्रदर्शन कर रेलवे प्रशासन को एक माह का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद पश्चिम मध्य रेलवे ने संविदा शिक्षकों की भर्ती का आदेश जारी कर दिया है।
एनकेजे रेलवे स्कूल में कक्षा पहली से बारहवीं तक बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत सामने आई थी। इसी समस्या को लेकर वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने स्कूल के सामने धरना दिया, वहीं एनएसयूआई ने जिला अध्यक्ष अजय खटिक के नेतृत्व में छात्रों के साथ स्कूल परिसर में प्रदर्शन कर शिक्षकों की नियुक्ति की मांग उठाई थी।
प्रदर्शन के दौरान रेलवे अधिकारियों एवं स्कूल प्रबंधन के साथ हुई चर्चा में एनएसयूआई को लिखित आश्वासन दिया गया था कि एक माह के भीतर आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।
इसी क्रम में 20 अगस्त 2026 को पश्चिम मध्य रेलवे, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, जबलपुर द्वारा कार्यालय आदेश क्रमांक 1112/2026 जारी किया गया। आदेश के तहत रेलवे स्कूल में पीजीटी, टीजीटी और पीआरटी सहित विभिन्न पदों पर संविदा शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर यूनियन के जबलपुर मंडल उपाध्यक्ष एस.एन. शुक्ला ने कहा कि यूनियन हमेशा रेल कर्मचारियों और उनके बच्चों के हितों के लिए आवाज उठाती रही है। रेल कर्मचारियों के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए यूनियन आगे भी उनके साथ खड़ी रहेगी।
वहीं एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अजय खटिक ने कहा कि शिक्षकों की भर्ती का आदेश केवल संगठन की नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और अभिभावकों की जीत है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई का उद्देश्य केवल आंदोलन करना नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराना है।
उन्होंने कहा कि रेलवे द्वारा शिक्षकों की भर्ती का आदेश जारी होना आंदोलन की सफलता है। विद्यार्थियों को पर्याप्त शिक्षक, बेहतर शिक्षा और नियमित कक्षाएं उपलब्ध कराने के लिए एनएसयूआई आगे भी छात्रों की आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।
कुल मिलाकर, एनकेजे रेलवे स्कूल में शिक्षकों की संविदा भर्ती का आदेश जारी होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है।










