“महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह का सिंगरौली-कटनी रेलखंड का सघन निरीक्षण, कोयला लोडिंग और अमृत भारत परियोजनाओं की समीक्षा”

 

जबलपुर।पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने गुरुवार को सिंगरौली-कटनी साऊथ रेलखंड और सिंगरौली क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मालभाड़ा अवसंरचना, यात्री सुविधाओं और रेल संरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से परियोजनाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने बरगवां, गोंदावली, मझौली, देवराग्राम, गजराबहरा और सरईग्राम गुड्स शेडों का दौरा किया। उन्होंने कोयला लोडिंग की वर्तमान क्षमता, संसाधनों की उपलब्धता और परिचालन व्यवस्थाओं का जायजा लिया साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में कोयला लोडिंग बढ़ाने की रणनीति पर अधिकारियों के साथ चर्चा की, ताकि देश के विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों और उद्योगों को निर्बाध कोयला आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

महाप्रबंधक ने ब्यौहारी और बरगवां रेलवे स्टेशनों का भी निरीक्षण किया, जहां अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास और आधुनिकीकरण कार्य चल रहे हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए सभी यात्री सुविधाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए बरगवां में उन्होंने रनिंग रूम का निरीक्षण कर रनिंग स्टाफ से संवाद किया और कर्मचारियों की सुविधाओं तथा कार्यस्थल पर उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली वहीं देवराग्राम में टेहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी THDC के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई बैठक में देवराग्राम में विकसित हो रहे गति शक्ति कार्गो टर्मिनल को जुलाई 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया।

इसके अलावा बिड़ला समूह की ईएमएमआईएल कंपनी द्वारा प्रस्तावित गति शक्ति कार्गो टर्मिनल की प्रगति की भी समीक्षा की गई। महाप्रबंधक ने रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेलवे बोर्ड की नीतियों के अनुरूप सभी तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, जिससे माल ढुलाई क्षमता और रेलवे राजस्व में वृद्धि हो सके।

महाप्रबंधक ने छितैनी स्टेशन के पास हाथी मार्ग के लिए प्रस्तावित कार्यों का भी निरीक्षण किया उन्होंने वन्यजीव संरक्षण और रेल संरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखते हुए कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही ट्रैक संरक्षा, रेल पथ अनुरक्षण और सिग्नलिंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि रेलवे परिचालन में संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय और जबलपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। रेलवे प्रशासन का कहना है कि संरक्षा, अधोसंरचना विकास और माल यातायात को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार की नियमित मॉनिटरिंग और निरीक्षण जारी रहेंगे।

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