“जबलपुर रेल मंडल का रिकॉर्ड वर्ष: यात्री, राजस्व और विकास में ऐतिहासिक छलांग” डीआरएम कमल तालरेजा ने पत्रकार वार्ता में दी जानकारी

पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यात्री संख्या, राजस्व, माल ढुलाई, अधोसंरचना विकास, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में मंडल ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। यह वर्ष मंडल के इतिहास में एक रिकॉर्ड वर्ष के रूप में दर्ज हुआ है।

जबलपुर मंडल ने इस वर्ष 429.42 लाख यात्रियों को सेवा प्रदान कर अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा हासिल किया, जो पिछले वर्ष से 6.49% अधिक है।
यात्री राजस्व ₹981.50 करोड़ रहा, जिसमें 6.16% की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं माल ढुलाई से ₹4259.56 करोड़ का राजस्व अर्जित हुआ, जो 17.91% की उल्लेखनीय वृद्धि है। कुल राजस्व ₹5470 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष से 13.29% अधिक है इसके अलावा अन्य कोचिंग राजस्व में भी रिकॉर्ड ₹79.35 करोड़ की प्राप्ति हुई।

टिकट चेकिंग के क्षेत्र में भी मंडल ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की वर्ष 2025–26 में 8.21 लाख प्रकरण दर्ज कर ₹59.75 करोड़ की आय अर्जित की गई यह पिछले वर्ष की तुलना में मामलों में 20.43% और आय में 26.72% वृद्धि को दर्शाता है निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्रदर्शन करते हुए मंडल ने +3.55% अतिरिक्त राजस्व हासिल किया।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो नई ट्रेनों की शुरुआत की गई—रीवा–हडपसर (पुणे) साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस और जबलपुर–रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (दैनिक) इसके साथ ही कई प्रमुख स्टेशनों—सागर, दमोह, कटनी, मुड़वारा और बरगवां—पर नई ट्रेनों के शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किए गए करहिया भदौली, पथरिया, बोहानी और सिहोरा सहित कई स्टेशनों पर ट्रेनों के नए ठहराव भी शुरू किए गए।
साथ ही जबलपुर–पुणे, जबलपुर–बांद्रा और रीवा–सीएसएमटी ट्रेनों का नियमित संचालन प्रारंभ किया गया।

माल ढुलाई के क्षेत्र में मंडल ने 43.50 मिलियन टन लदान कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
बघवार और मझौली में नए गुड्स शेड शुरू किए गए, जबकि सभी 24 गुड्स शेड 24×7 संचालित रहे।
गुड्स शेड विकास के लिए ₹33.46 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत श्रीधाम और कटनी साउथ स्टेशनों का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा ब्यौहारी, गाडरवारा, नरसिंहपुर, मैहर और सिहोरा रोड स्टेशनों का उन्नयन किया गया। 49 स्टेशन दिव्यांगजन अनुकूल बनाए गए। 19 नए प्लेटफॉर्म, 25 शेड और 4 फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया गया डिजिटल पहल के तहत 1693 रियायती कार्ड जारी किए गए और बड़ी संख्या में टिकट ATVM एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से जारी किए गए।

ट्रेनों की समयपालनता बढ़कर 77.64% तक पहुंच गई क्रैक ट्रेनों के संचालन में 34% वृद्धि दर्ज की गई।
इंजीनियरिंग कार्यों में 223.64 किमी ट्रैक अपग्रेड,
21 लेवल क्रॉसिंग बंद, 50 RUB और 8 ROB का निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए गए।

कार्मिक विभाग ने 2800 कर्मचारियों को पदोन्नति और 557 नई नियुक्तियां दीं। HRMS और डिजिटल आईडी कार्ड जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं लागू की गईं।
आरपीएफ ने 331 चोरी के मामलों में कार्रवाई,
266 बच्चों का रेस्क्यू और मादक पदार्थों की जब्ती जैसे सराहनीय कार्य किए।

NKJ लोको शेड में 87 आधुनिक 12000 HP इंजन शामिल किए गए, जिससे लोकोमोटिव विफलता में 18.60% कमी आई ई-ऑक्शन के जरिए ₹111.21 करोड़ का स्क्रैप निस्तारण किया गया।

जबलपुर मंडल को “परख” नामक आधुनिक निरीक्षण यान भी मिला है। वहीं कटनी ग्रेड सेपरेटर परियोजना के तहत देश का सबसे लंबा वायाडक्ट निर्माणाधीन है।
इसके साथ ही मंडल में पहला पब्लिक मल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स भी शुरू किया गया।

कुल मिलाकर, वित्तीय वर्ष 2025–26 जबलपुर रेल मंडल के लिए हर दृष्टि से उपलब्धियों से भरा रहा।
मंडल ने न केवल नए रिकॉर्ड बनाए, बल्कि यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार कर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया है।

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