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रायपुर।तेली समाज के हक़, सम्मान और सर्वांगीण विकास की बात करने वाले साहसी और ज़मीनी नेतृत्व का सशक्त प्रदर्शन रायपुर में देखने को मिला, जहां अखिल भारतीय कर्मा सेना का प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन भव्य रूप से संपन्न हुआ।
इस ऐतिहासिक अधिवेशन में मध्य प्रदेश कर्मा सेना के संस्थापक शंभू दयाल साहू ने अपनी ओजस्वी और बेबाक उपस्थिति से समाज के वास्तविक मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से रखा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि—“समाज की उन्नति केवल नारों से नहीं, बल्कि संगठित संघर्ष, शिक्षित नेतृत्व और साहसी युवाओं को आगे लाने से होगी।”शंभू दयाल साहू ने शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक सहभागिता और सामाजिक सम्मान जैसे ज्वलंत विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने सवाल किया कि
क्या अब समय नहीं आ गया है कि समाज अपने भीतर से ही ऐसे साहसी युवा, युवतियों और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ताओं को आगे लाए, जो बिना डरे समाज की आवाज़ बन सकें?
अधिवेशन में देशभर से आए प्रतिनिधियों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कर्मा सेना के मंच से यह संदेश स्पष्ट रूप से गया कि तेली समाज अब केवल दर्शक नहीं, बल्कि अपने भविष्य का निर्माता बनने को तैयार है। कार्यक्रम के दौरान समाज के संगठनात्मक विस्तार, युवाओं को नेतृत्व में लाने, और जमीनी स्तर पर संघर्ष को तेज करने का संकल्प भी लिया गया।
यह अधिवेशन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि तेली समाज के नवजागरण की हुंकार बनकर उभरा है।






