
कटनी। नगर निगम द्वारा शासकीय स्कूलों में शिक्षा उपकर मद से कराए जाने वाले मरम्मत और विकास कार्यों में अब तेजी आएगी। बुधवार को आयोजित लोक निर्माण शाखा की समीक्षा बैठक में महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही कर कार्य प्रारंभ कराएं।
बैठक में कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा, सहायक यंत्री सुनील सिंह, अनिल जायसवाल, उपयंत्री जयेंद्र प्रताप सिंह, अश्वनी पांडे, पवन श्रीवास्तव, संजय मिश्रा व कार्यालय अधीक्षक नागेंद्र पटेल उपस्थित रहे।
निरीक्षण के बाद तैयार होंगे प्रस्ताव
महापौर ने क्षेत्रीय उपयंत्रियों से कहा कि वे अपने प्रभार क्षेत्र की शासकीय स्कूलों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत व विकास कार्यों की सूची बनाएं। उपयंत्री अश्वनी पांडे ने 13, संजय मिश्रा ने 6 और जयेंद्र सिंह बघेल ने 9 स्कूलों की मरम्मत आवश्यकता संबंधी जानकारी दी, जिनमें फर्श, छत, पुताई, टॉयलेट, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और सीपेज की समस्याएं प्रमुख हैं।
महापौर ने सभी प्रस्तावों को शीघ्र तैयार कर वॉटर प्रूफिंग और सुरक्षा कार्यों पर भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विकास कार्यों में देरी पर नाराजगी
केसीएस स्कूल भवन में संचालित भारत निर्माण कोचिंग में कार्य की धीमी गति पर महापौर ने नाराजगी जताई। निर्माण एजेंसी को तत्काल गति लाने और कार्य शीघ्र पूर्ण करने की चेतावनी दी गई।
विद्युत एवं जल आपूर्ति व्यवस्था पर फोकस
महापौर ने नगर निगम की विद्युत शाखा व जलप्रदाय टीम को सभी शासकीय शालाओं में शुद्ध पेयजल और विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रस्ताव तैयार कर समयसीमा में कार्य पूर्ण करने पर बल दिया गया।
स्वीकृत निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ हों
नगर के विभिन्न वार्डों में स्वीकृत विकास कार्यों को 15 दिन के भीतर शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। जिन स्थानों पर भूमिपूजन के बाद कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं, उनकी समीक्षा कर शीघ्र निर्माण शुरू कराने को कहा गया।
ड्रेनेज सिस्टम रहे सुदृढ़
वर्षा ऋतु के मद्देनजर जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम मजबूत करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। महापौर ने कहा कि संभावित जलप्लावन क्षेत्रों में नाले, पुलिया व निकासी की समुचित व्यवस्था करते हुए आवागमन सुगम बनाया जाए।
महापौर की यह समीक्षा बैठक नगर के शासकीय स्कूलों और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम मानी जा रही है।






