
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा राष्ट्रपति द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। यह फैसला प्रधानमंत्री की सलाह पर लिया गया है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रह्लाद जोशी अपने मौजूदा मंत्रालयों की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अब शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी संभालेंगे।
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों का आंदोलन तेज रहा। परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठते रहे, जिसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
अब शिक्षा मंत्रालय की कमान संभाल रहे प्रह्लाद जोशी के सामने सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा प्रणाली में छात्रों का विश्वास दोबारा कायम करना, परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस सुधार लागू करना होगी।
आने वाले दिनों में शिक्षा मंत्रालय की ओर से परीक्षा प्रणाली, भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा सुधारों को लेकर कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक अब नई जिम्मेदारी संभाल रहे प्रह्लाद जोशी से बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं।






