अपनी मातृभूमि से प्रेम, ग्राम प्रेमी प्रेम शंकर राय जरूरतमंदों को बांटेते कंबल, पचास रूपए मासिक देते है पेंशन

 

कटनी के बहोरीबंद जिले तहसील क्षेत्र स्थित इमलिया गांव के एक सैकड़ा निराश्रित गांव के ग्रामीणों को प्रतिमा 1 तारीख को ₹50 की पेंशन गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा दी जाती है बता दे पिछले दो वर्षों से उनका यह क्रम लगातार बना हुआ है जिसमें विधवा विकलांग अतिसहाय निर्धन बुजुर्ग ग्रामीणों को मदद करता शख्स और कोई नहीं बल्कि कटनी के मधुर कोरियर संचालक है बतादे उनके ही गांव के 44 वर्षी प्रेम शंकर राय हैं जिन्होंने जनवरी माह से सहायता राशि बांटने के बाद रविवार वा सोमवार को अपने गांव के दीन हीनो को कंबल भी बांटे ताकि उन्हें ठिठुरन के मौसम में जिससे कुछ राहत मिल सके प्रेम शंकर राय का कहना है कि वह जिस गांव की माटी में वह खेले बड़े हुए और शहर कटनी जाकर जाकर सफलता प्राप्त हुई उन्हें इस मात्र शक्ति का भी आशीर्वाद है उनका कहना है कि अब उन्हें अपने गांव के प्रति कुछ करने की आवश्यकता है इसी प्रेरणा से जब तक उनमें सामर्थ्य तब तक वह अपने गांव के निशक्त जनों की सेवा स्वरूप ₹50 प्रति माह पेंशन के रूप में निस आश्रित निसहाय लोगों तक पहुंचाते रहेंगे साथ ही गांव में वृहद धार्मिक आयोजनों में भी इन्ही दीनदयालो की प्रमुखता से सेवा करता रहूंगा देखा जाए तो वर्तमान समय में ₹50 की उपयोगिता औपचारिकता ही रह गई है शहर में घर से एक बार बाहर आने जाने में ही यह रकम खत्म हो जाती है लेकिन यह रकम निसहाय दीन हीन के लिए बहुत बड़ा सहारा बनेगी गांव के लोग जो निसआश्रित हैं वह ₹50 में अति गरीबी राशन कार्ड से 10 किलोग्राम तक गेहूं चावल खरीद लेते हैं और इस स्थिति में स्वयं तीन-चार माह तक सरकारी सुरक्षा पेंशन मिलने का इंतजार कर लेते हैं रुपए प्राप्त करने वाले का कहना है कि इस रकम से इनकी छोटी-छोटी जरुरते पूरी करने में मदद मिलती रहेगी ग्रामीण निशक्त जनों में असरमा चौधरी,गैसा, कृष्णाबाई, सुखिया बाई, गुलबसिया, कमला प्रधान,भूरी,सुमंत्री, बच्ची रंगीलाल, व विकलांग नंदकिशोर सभी ने बताया कि उन्हें शासन से मिलने वाली पेंशन चार-पांच माह बाद ही मिलती है ऐसी दशा में प्रेम शंकर राय साहब से मिलने वाली सहायता राशि उन्हें बहुत राहत पहुंचाती है।

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