
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं के मवेशी नहीं बांधते जिससे नुकसान और होती है दुर्घटनाएं,जिमेदार कोन
कटनी।। पूरे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर तक स्वयं के मवेशी लोग आवारा छोड़ देते है जिससे अत्यधिक सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ता जा रहा है साथ ही इसे मवेशी दूसरे की फसल को नुकसान भी पहुंचते है बरहाल मध्य प्रदेश शासन ने 2022 नवंबर में एक आदेश जारी किया था जिसमें सार्वजनिक सड़कों एवं ग्रामीण क्षेत्र में मवेशियों को खुला छोड़ना अब पशुपालकों को मंहगा पड़ेगा ऐसा उक्त आदेश में कहा गया था। साथ ही राज्य शासन ने मवेशियों को खुला छोड़ने वाले पशुमालिकों पर एक हजार रुपये तक का अर्थदंड जुर्माना लगाने कर प्रावधान भी किया है।
इसके लिए राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश नगर पालिका निगम 1956 तथा मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 में संशोधन भी किया है। इसके अनुसार मवेशियों एवं अन्य पशुओं को सार्वजनिक सड़कों एवं स्थानों पर खुला छोड़ना जो भी जानबूझकर या उपेक्षापूर्वक किसी मवेशी अथवा अन्य पशु को सार्वजनिक सड़क या स्थान पर खुला छोड़ते है, अथवा बांधता है, जिसके कारण किसी व्यक्ति को इससे क्षति होती है या संपत्ति को नुकसान होता है या संकट उत्पन्न होता है और लोक न्यूसेंस कारित होता है, तो वह राज्य सरकार द्वारा निहित जुर्माने से एक हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा। लेकिन सवाल यह उठता हैं कि क्या इस आदेश का पालन किया जा रहा है ? जनहित के इस मुद्दे पर सख्ती से पालन किया जाना अति आवश्यक है यह लोगो की जान पर बन आया है।
यह एक गंभीर चिंता का विषय है पशु धन को सुरक्षित किया जाना चाहिए और जो मालिक आवारा मवेशी को छोड़ें उसके ऊपर कार्यवाही सुनिश्चित की जाना अति आवश्यक है साथ ही मवेशियों की देखभाल हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में चरवाहे की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाना अतिआवश्यक है जो वर्तमान में नही की जा रही और आवारा मवेशी सड़क पर विचरण करते नजर आ रहे है।






