
कटनी नगर निगम अब पूरी तरह डिजिटल होने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा चुका है। वर्षों पुराने सरकारी रिकॉर्ड अब धूल भरी फाइलों में नहीं, बल्कि सुरक्षित डिजिटल सिस्टम में नजर आएंगे। इससे न सिर्फ प्रशासन की कार्यशैली बदलेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी तेज और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी।
प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन और मध्यप्रदेश शासन की ई-गवर्नेंस नीति को आगे बढ़ाते हुए नगर पालिक निगम कटनी ने रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन अभियान शुरू करने का फैसला किया है। निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार के निर्देश पर निगम की सभी शाखाओं में वर्षों से सुरक्षित रखे गए महत्वपूर्ण अभिलेख, नस्तियां और दस्तावेज चरणबद्ध तरीके से डिजिटल किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य नगर निगम की कार्यप्रणाली को आधुनिक, सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। डिजिटल रिकॉर्ड बनने के बाद किसी भी दस्तावेज को कुछ ही मिनटों में खोजकर उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे कार्यालयों में होने वाली देरी कम होगी और निर्णय प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और प्रभावी बनेगी।निगमायुक्त के निर्देशानुसार सभी शाखाओं से निर्धारित प्रारूप में रिकॉर्ड संबंधी विस्तृत जानकारी मांगी गई है। डिजिटाइजेशन कार्य की नियमित समीक्षा समय-सीमा की बैठकों में की जाएगी, ताकि पूरा अभियान तय समय के भीतर सफलतापूर्वक पूरा हो सके।डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली लागू होने के बाद वर्षों पुराने दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे और उनके गुम होने, खराब होने या प्राकृतिक आपदाओं से नष्ट होने का खतरा भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगा। साथ ही अलग-अलग विभागों के बीच सूचना का आदान-प्रदान भी पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज होगा।
नगर निगम का मानना है कि इस नई व्यवस्था से राजस्व, स्थापना, शिकायत निवारण और अन्य विभागीय मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। इससे प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी और नागरिकों को अधिक पारदर्शी तथा गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी।
“सुश्री तपस्या परिहर ने बताया नगर निगम का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग से ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करना है, जो दक्ष, पारदर्शी, उत्तरदायी और पूरी तरह नागरिक-केंद्रित हो। सभी शाखाओं को रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।”






