
नरसिंहपुर।बरमान खुर्द स्थित श्री देव विश्वकर्मा मंदिर परिसर में अवैध सागौन लकड़ी के उपयोग के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर के पुजारी के खिलाफ वन अपराध दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि पुजारी द्वारा मंदिर समिति को बिना सूचना दिए मंदिर परिसर की भूमि पर कब्जा कर सागौन की लकड़ी से दरवाजे, चौखट और फर्नीचर तैयार कराया जा रहा था। जानकारी के अनुसार जब इस गतिविधि की जानकारी मंदिर समिति को लगी तो समिति के सदस्यों ने नरसिंहपुर पहुंचकर कलेक्टर एवं तहसीलदार के नाम शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर परिसर में जांच कर कार्रवाई की।
वन मंडल अधिकारी नरसिंहपुर के निर्देशन एवं उप वनमंडल अधिकारी गाडरवारा के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी करेली द्वारा गठित विशेष टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पाया गया कि मंदिर परिसर में अवैध सागौन लकड़ी से दरवाजे, चौखट और फर्नीचर निर्माण का कार्य चल रहा था। वन विभाग की टीम को देखकर मंदिर का पुजारी और उसके दोनों बेटे मौके से फरार हो गए।
वन विभाग की टीम ने मौके से सागौन के दो दरवाजे, फ्रेम तथा 20 नग सागौन के लट्ठे, कुल 0.383 घन मीटर लकड़ी जप्त की। इस मामले में मंदिर के पुजारी देवकीनंदन पटोलिया के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 32518/17, दिनांक 07 अप्रैल 2026 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक रामदास मरकाम (हदगांव), रामेश्वर प्रसाद किरार (खड़ई), दिनेश कुमार घोसी (बरमान), बीट गार्ड आकाश गुप्ता (बरखेड़ा), रवि ठाकुर (पश्चिम सांवरी), सचेंद्र पटेल (गुर्सी), अनिल सोनी (हिरणपुर), वनरक्षक विकास दुबे सहित वन सुरक्षा श्रमिकों का विशेष सहयोग रहा।
नरसिंहपुर से शरद नेमा की रिपोर्ट







