
कटनी।उपनगरीय क्षेत्र माधवनगर में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने मंगलवार प्रातः बाबा नारायण शाह वार्ड, हेमू कालाणी वार्ड एवं आचार्य कृपलानी वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, जल निकासी एवं मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने माधवनगर जल आपूर्ति टंकी एवं संपवेल का अवलोकन किया। उपयंत्री मृदुल श्रीवास्तव से जल आपूर्ति की प्रक्रिया, पिछली जल परीक्षण रिपोर्ट एवं टंकी सफाई की जानकारी लेते हुए उन्होंने रोजाना पानी की गुणवत्ता जांच और टंकी सफाई की तिथि अंकित करने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने स्पष्ट कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुलभ कॉम्प्लेक्स में लापरवाही पर नाराजगी
ग्राम पंचायत चौराहा स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स के निरीक्षण के दौरान शौचालयों में गंदगी एवं केयरटेकर की अनुपस्थिति पाए जाने पर निगमायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की और सुलभ संचालक को नोटिस जारी करने के निर्देश सहायक यंत्री आदेश जैन को दिए।
नालों की सफाई के निर्देश शासकीय औषधालय माधवनगर एवं आसपास के क्षेत्रों में निरीक्षण के दौरान नालों में गंदगी पाए जाने पर निगमायुक्त ने वार्ड दरोगा को तत्काल नालों की सफाई कराने एवं क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
रेस्टोरेशन कार्य और अतिक्रमण पर कार्रवाई हरे माधव चौक मार्ग पर कराए गए रेस्टोरेशन कार्य का निरीक्षण करते हुए निगमायुक्त ने वायु गुणवत्ता सुधार हेतु शोल्डर कार्य का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अतिक्रमण हटाओ अभियान, अवैध रूप से रखी निर्माण सामग्री की जब्ती, अवैध नल कनेक्शन पर कार्रवाई तथा समदड़िया आभूषण के पास नाले के ऊपर चैंबर मरम्मत के निर्देश भी दिए।
जनसुनवाई में समस्याओं का समाधान निरीक्षण उपरांत माधवनगर उपकार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में निगमायुक्त ने नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। जनसुनवाई में अनुमति विपरीत निर्माण, कल्याणी पेंशन, एनओसी, जलापूर्ति, अतिक्रमण, समग्र आईडी लिंकिंग सहित विभिन्न मामलों पर समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए गए। कई मामलों में तत्काल कार्रवाई भी कराई गई।
निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमित निगरानी के माध्यम से व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए और नगर निगम स्वामित्व की भूमि को संरक्षित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण एवं जनसुनवाई के दौरान नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











