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जबलपुर | 06 फरवरी केन्द्रीय बजट 2026–27 में भारतीय रेलवे के लिए ₹2,93,030 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) प्रस्तावित किया गया है, जबकि रेल सुरक्षा के लिए ₹1.20 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश को रेलवे विकास हेतु ₹15,188 करोड़ का बजट आवंटन मिला है, जिससे राज्य में रेल अवसंरचना, सुरक्षा, यात्री सुविधाओं और माल ढुलाई क्षमता को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
वर्ष 2009 से 2014 की तुलना में यह आवंटन लगभग 24 गुना अधिक है, जो मध्य प्रदेश में रेलवे के तेज़ी से हो रहे विकास को दर्शाता है। ₹1.18 लाख करोड़ की रेल परियोजनाएँ प्रगति पर मध्य प्रदेश में वर्तमान में ₹1,18,379 करोड़ की विभिन्न रेल परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं। राज्य की 100 प्रतिशत रेल लाइनों का विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और परिचालन दक्षता में सुधार हुआ है।
80 स्टेशनों का पुनर्विकास
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत राज्य के 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें से कुछ स्टेशनों का उद्घाटन वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री द्वारा किया जा चुका है।
प्रमुख रेल परियोजनाएँ
राज्य में जिन प्रमुख परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, उनमें शामिल हैं— रामगंजमंडी–भोपाल ललितपुर–सिंगरौली,इंदौर–बुदनी,इंदौर–मनमाड नई रेल लाइन बीना–कटनी तृतीय लाइन सतना–रीवा एवं कटनी–सिंगरौली दोहरीकरण कटनी ग्रेड सेपरेटर बीना–भोपाल–इटारसी चतुर्थ लाइन एवं गेज परिवर्तन परियोजनाएँ इन परियोजनाओं से रेल क्षमता, समयपालन और माल ढुलाई में उल्लेखनीय सुधार होगा।
रेल सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
रेल सुरक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश के 4,591 रूट किलोमीटर पर कवच सुरक्षा प्रणाली लागू करने की योजना तैयार की जा चुकी है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
यात्री सुविधाओं का विस्तार
राज्य में पहले से ही वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। वर्ष 2026–27 में नई वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों सहित कुछ नई ट्रेनों के संचालन को भी सुनिश्चित किया जाएगा।
नया समर्पित मालवाहक कॉरिडोर
माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने के लिए केन्द्रीय बजट में पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत तक 2,052 किमी लंबे नए समर्पित मालवाहक कॉरिडोर का प्रस्ताव किया गया है। यह कॉरिडोर ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा और मौजूदा पश्चिमी समर्पित मालवाहक कॉरिडोर से जुड़ेगा इस पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर से मध्य प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, रेल नेटवर्क पर दबाव कम होगा और औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा मिलेगी।
राज्य के विकास और रोजगार को बढ़ावा
इस बजट के माध्यम से मध्य प्रदेश की सभी रेल परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं, जिससे कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जा सकेगा और राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा।






