
कटनी। कलेक्टर आशीष तिवारी ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में रोजगार, औद्योगीकरण एवं निवेश संवर्धन से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में एमएसएमई सरलीकरण, उद्योगों को भूमि आवंटन, पीएम गतिशक्ति योजना, स्टार्टअप और एक जिला एक उत्पाद योजना सहित स्वरोजगार व कौशल विकास योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
बैठक में कार्यकारी संचालक एमपीआईडीसी जबलपुर अनिल राठौर, मुख्य महाप्रबंधक आर.पी. चक्रवर्ती, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्रीमती ज्योति सिंह, जिला रोजगार अधिकारी डी.के. पासी, प्राचार्य शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज नरेन्द्र बरखेडकर, प्राचार्य आईटीआई श्री पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यकारी संचालक एमपीआईडीसी ने औद्योगिक क्षेत्रों की गतिविधियों और प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। कलेक्टर ने औद्योगिक विकास हेतु डीपीआर तैयार करने व अधोसंरचनात्मक कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना पर जोर
कलेक्टर ने नवीन पॉलिसी 2025 के अंतर्गत एमएसएमई प्रोत्साहन योजना व भू-आवंटन नियमों की समीक्षा की। साथ ही मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की प्रगति का आकलन करते हुए अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। एलडीएम को स्वरोजगार ऋण वितरण में तेजी लाने को कहा गया।
कौशल विकास और रोजगार पर फोकस
कौशल विकास योजना और आईटीआई की प्रगति पर भी चर्चा हुई। प्राचार्य आईटीआई ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण है और छात्रों की उपस्थिति 75-80% के बीच रहती है।
कलेक्टर ने सीखो कमाओ योजना और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की भी गहन समीक्षा की।
जिला रोजगार अधिकारी ने अवगत कराया कि हर माह रोजगार व स्वरोजगार अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से युवाओं को निजी क्षेत्र की नामी कंपनियों में रोजगार उपलब्ध हो रहा है।







