
न्यूज़ वॉइस ऑफ इंडिया
कटनी। विश्वास और स्वास्थ्य पर सबसे बड़ा हमला! देश की नामी ब्रांड पतंजलि फूड्स लिमिटेड के खाद्य तेल महाकोष की हूबहू नकल कर बाजार में जहरीला तेल परोसा जा रहा था। इस गोरखधंधे का पर्दाफाश तब हुआ, जब दिल्ली की वाणिज्यिक अदालत के आदेश पर कटनी पुलिस ने एक फैक्ट्री पर छापा मारा और नकली तेल के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।
कैसे हुआ खुलासा?
पतंजलि को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बाजार में महासुख नाम का तेल बिक रहा है, जिसकी पैकेजिंग असली महाकोष जैसी थी। आम उपभोक्ता असली-नकली में फर्क नहीं कर पा रहे थे। मामला अदालत पहुंचा। अदालत ने गंभीरता दिखाते हुए लोकल कमिश्नर मुकेश कुमार शर्मा को जांच का आदेश दिया।
कटनी में चल रहा था मौत का कारोबार!
26 अगस्त को श्री जी एंटरप्राइजेज नामक फैक्ट्री में जब छापा पड़ा, तो अंदर का मंजर चौंकाने वाला था।भारी मात्रा में घटिया क्वालिटी का तेल, नकली पैकेजिंग सामग्री, महाकोष जैसे लेबल, बोतलें, ढक्कन…सब बरामद हुए। फैक्ट्री ऑपरेटर महेश चंद्र जैन गिरफ्तार, फैक्ट्री सील।
जनता की सेहत से खिलवाड़
जांच में सामने आया कि यह नकली तेल न सिर्फ घटिया था, बल्कि स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक भी। चमकदार पैकिंग देखकर लोग इसे असली समझते रहे, लेकिन असल में यह जहरीला तेल उनकी सेहत को चुपचाप निगल रहा था।
अदालत का सख्त रुख
अदालत ने साफ निर्देश दिए हैं –अब ‘महासुख’ नाम से उत्पादन, बिक्री, भंडारण या प्रचार हुआ, तो दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
विशेषज्ञों की चेतावनी
“यह सिर्फ बिजनेस में धोखाधड़ी नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य पर सीधा हमला है। नकली तेल से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। लोग सतर्क रहें, और किसी संदिग्ध उत्पाद की तुरंत शिकायत करें।”
बड़ा सवाल
कटनी की इस कार्रवाई ने बड़ा नेटवर्क तोड़ दिया है, लेकिन क्या बाकी जिलों में भी ऐसे तेल माफिया खुलेआम खेल नहीं खेल रहे? कब तक हमारी रसोई में जहर परोसा जाता रहेगा?






