
कटनी। जिले के बड़वारा तहसील के अंतर्गत ग्राम झरेला में मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड ( बिरला व्हाइट) नाम से पुट्टी बनाने का कारखाना संचालित हे जिस पर म प्र सरकार के म प्र खनिज ( अवैध खनन,परिवहन तथा भंडारण का निवारण ) नियम 2006 यथा संसोधित नियम 2022 लागू होता है ।
यह की उक्त नियमो का पालन कराने की जिम्मेदारी खनिज विभाग कटनी के बड़वारा तहसील के खनिज निरीक्षक तथा खनिज अधिकारी की थी जिन्होंने बिना खनिज भंडारण अनुज्ञप्ति के उक्त कारखाने को चलने दिया तथा उक्त कारखाना के परिसर में रखे हजारों टन खनिज पर कोई कार्यवाही प्रकरण न बनाकर कलेक्टर न्यायालय कटनी के समक्ष प्रस्तुत किया जबकि म प्र खनिज ( अवैध खनन,परिवहन तथा भंडारण का निवारण ) नियम 2006 यथा संसोधित नियम 2022 के तहत प्रकरण बनाकर न्यायालय कलेक्टर कटनी के समक्ष प्रस्तुत करना था जो खनिज विभाग कटनी ने नही किया जिस कारण मध्य प्रदेश सरकार को जुर्माने के तौर पर मिलने वाला 80 करोड़ रुपए लगभग के राजस्व का नुकसान हो गया।
जब कटनी जिले के बड़वारा तहसील के ग्राम झरेला में बिना खनिज व्यापारी अनुज्ञप्ति लिए संचालित हो रहे पुट्टी कारखाना मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड (बिरला व्हाइट ) की शिकायत संचालनालय भौमकि तथा खनिकर्म भोपाल हुई तब संचालक भौमकी तथा खनिकर्म भोंपाल का पत्र क्रमांक 8552 / शिकायत/कटनी/ न क्र 32 /2023 भोंपाल दिनाक 6/7/2023 , पत्र क्रमांक 12338 दिनांक 15/9/2023 ,पत्र क्रमांक 14215 दिनांक 31/10/2023, पत्र क्रमांक 15737 दिनांक 12/12/2023 से खनिज अधिकारी कटनी से कार्यवाही के संबंध में वस्तु स्थिति से अवगत कराने को कहा लेकिन कार्यवाही न होकर मार्गदर्शन मांगने का हवाला लेकर फाइल को दबा दिया गया और दोनो पुट्टी कारखानों को खनिज व्यापारी अनुज्ञप्ति जारी करने प्रक्रिया शुरू कर दी ।
यहां पर यह भी उल्लेखनीय बात है की खनिज व्यापारी अनुज्ञप्ति आवेदन पर कार्यालय नायब तहसीलदार बड़वारा (व्रत विलायत कला) के द्वारा एसडीम कटनी को मेसर्स अल्ट्राट्रेक सीमेंट (बिरला व्हाइट) झरेला के संबंध में दिए गए प्रतिवेदन क्रमांक /06/री./2024, दिनांक 5/7/2024 में लिखा है की मेसर्स अल्ट्राट्रेक सीमेंट (बिरला व्हाइट) प्रतिनिधि विजय जायसवाल के द्वारा बताया गया की उनको खनिज भंडारण लाइसेंस नहीं लगता जबकि मेसर्स अल्ट्राट्रेक सीमेंट (बिरला व्हाइट) ने खनिज भंडारण लेने दिनांक 22/11/2023 को आवेदन लगा दिया है जिससे प्रमाणित होता है की उन्हें भंडारण लाइसेंस लगता है तभी तो खनिज भंडारण लाइसेंस लेने आवेदन लगा दिया जिससे जुर्माने की कार्यवाही से बचा जा सके जब एम मप्र में एक सा खनिज कानून हे तब इन दो पुट्टी कारखानों के लिए अलग कानून हो गया जबकि कटनी जिलें के आलावा पड़ोसी जिले मैहर में स्थापित सीमेंट प्लांट वालो में खनिज भंडारण लाइसेंस लेकर रखे है। वही खनिज विभाग कटनी ने जिले में अन्य पुट्टी कारखानों को खनिज भंडारण लाइसेंस जारी किए है तब यह नियम से केसे बच रहे है यह विचारणीय है की खनिज विभाग उक्त कारखाना को क्यों बचा रहा है ।
वही खनिज भंडारण अनुज्ञप्ति आवेदन पत्र में खाना निरीक्षक द्वारा जो प्रतिवेदन दिया उसे प्रतिवेदन में लिखा गया कि परिसर में हजारों टन एक स्टॉक है इस पर मां संचालक से मार्गदर्शन मिलने के उपरांत थी कोई कार्यवाही की जावेगी जिससे स्पष्ट है की खाने निरीक्षक अपनी कलम बचाने के लिए मार्गदर्शन का सहारा लेकर पुट्टी कारखाने को जमाने की कार्यवाही से बचा रहे हैं जब पूरे प्रदेश में एक साथ खनिज नियम है तब बड़वारा क्षेत्र के खनिज निरीक्षक खनिज कानून की परिभाषा केसे बदल रहे है। वही इस पूरी जमाने की प्रक्रिया से पुट्टी कारखाने को बचाने के लिए खनिज विभाग कटनी से लेकर भोपाल तक एक पूरी दलाल की टीम सक्रिय है जो हमेशा दलाली में सक्रिय रहती है इस पर भी जांच होना चाहिए जिस तरह आरटीओ में बिना दलाल के कोई काम नहीं होता उसी तर्ज पर अब कटनी खनिज विभाग से लेकर भोपाल तक बिना दलालों के कोई काम नहीं हो रहा मोहन सरकार को इन दलालों पर रोक लगाना चाहिए





