
कटनी। बेलगाम ई रिक्शा ऑटो चालकों की वजह से यात्री हो रहे गंभीर रूप से चोटिल जिसका मुख्य कारण शहर की सड़को पर दौड़ रहें ई रिक्शा ऑटो चालकों का ना तो पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया और ना ही इन पर यातायात पुलिस की कोई लगाम नजर आ रही है। अधिकांश ई रिक्शा चालक नशे में रहकर शहर की सड़को पर अपने ई-रिक्शा वाहन को दौड़ा रहे हैं।
जिसमें अधिकांश ई रिक्शा नाबालिक लड़के शहर की सड़को पर रिक्शा दौड़ाते नजर आ रहे हैं। और जो शहर की सड़कों पर देखे जा सकते हैं। लेकिन इन पर यातायात की कार्रवाई ना करना एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
बहरहाल जिसका खामियाजा इनमे बैठेने वाले यात्रियों को उठाना पड़ रहा है। आप देख सकते हैं इन तस्वीरों में की एक ई रिक्शा चालक जो हिरवारा निवासी है। नशे की हालत में नजर आ रहा है। और अपने ई रिक्शा में सवारी एनकेजे की ओर ले जा रहा था तभी उसकी अनियंत्रित ई रिक्शा ऑटो बिजली के खंभे से टकरा गई जिसमें मौजूद यात्री गंभीर रूप से चोटिल हो गए जानकारी के मुताबिक ई-रिक्शा में कुछ महिलाएं भी मोजूद थी जो अचानक हुए इस हादसे को देखकर घबरा गई।
दरअसल ई रिक्शा में यात्रियों की कितनी सुरक्षा है। इस बात से भी अंदाजा लगाया जा सकता है। की जरा से गड्ढे में अगर इसका पहिया आ जाए तो यह पलट जाता है। और उसमे बैठे यात्री चोटिल हो जाते है। ऐसे अनगिनत उदाहरण ई-रिक्शा के सामने आ चुके हैं। इसी बात को लेकर दिल्ली सरकार ने ई-रिक्शा ऑटो पर दिल्ली में वेन कर दिया बावजूद इसके लोग कम किराया देने के चक्कर में इसमें बैठ जाते है।
बात करे तो फाइनेंस कंपनियों को फायदा पहुंचाने शहर में लगभग पांच हजार ई-रिक्शा खरीदे जा चुके है। और अभी भी इस पर रोक लगती नजर नहीं आ रही और लगातार इसकी बिक्री दिन प्रतिदिन की जा रही है। और जिन्हे शहर की व्यस्थ सड़को पर नाबालिक भी रिक्शा चला रहे है। जिन्हे ना तो यातायात के नियमो की कोई जानकारी है। और ना ही अधिकांस चालकों के पास लाइसेंस है। ये अचानक शहर में कही भी मुड़ जाते है जिससे आमजन भी परेशान होते नजर आ रहे है। यहां तक की जिला अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर इनका आतंक साफ देखा जा सकता है। जहा यह सवारी के चक्कर में जिला अस्पताल के प्रवेश द्वार पर जाम लगा देते है।
बात कर तो गंभीर मरीज को लेकर जिला अस्पताल पहुंच रही 108 एंबुलेंस के चालक को परेशान होना पड़ता है। लेकिन इस बात पर को लेकर यातायात प्रभारी कितने सजग है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है। ई-रिक्शा में मौजूद चालक नशे में अपने आप को भी नहीं संभाल पा रहा और वह शहर के रास्तों पर अपने वाहन में सवारी बैठा कर मजे से ई-रिक्शा ऑटो चला रहा है। ऐसे अनगिनत नशेड़ी आपको कटनी शहर के रास्तों पर अपने वाहन चलते दिख जाएंगे लेकिन इन पर कार्रवाई के नाम पर यातायात की तरफ से इन्हें अभय दान दिया जा रहा है। बात करें तो जब कोई बड़ा हादसा होता है तो प्रशासन अलर्ट मोड पर आ जाता है और आनन-फानन जांच शुरू कर दी जाती है और फिर जांच ठंडे बस्ते पर नजर आती है। इन पर जल्द प्रशासन द्वारा लगाम नहीं लगाई गई तो इसके कोई गंभीर परिणाम भी निकाल कर सामने आ सकते है।






