
कटनी। विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। द्वारिका स्कूल की चलती तूफान वैन का दरवाजा अचानक खुलने से 10 वर्षीय छात्र सड़क पर जा गिरा। हादसे में गंभीर रूप से घायल छात्र ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, टीकर निवासी दिनेश यादव का 10 वर्षीय पुत्र जीत यादव द्वारिका स्कूल में कक्षा तीसरी का छात्र था। रोजाना की तरह स्कूल की छुट्टी के बाद जीत तूफान वैन से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में अचानक वैन का दरवाजा खुल गया और जीत चलती गाड़ी से सड़क पर जा गिरा।
हादसे में छात्र को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल छात्र को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, परिवार में मातम छा गया। इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।
वहीं, हादसे के बाद स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जाता। वाहन की फिटनेस, दरवाजे के लॉक सिस्टम, क्षमता से अधिक बच्चों के परिवहन और अटेंडेंट की व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलने के बाद विजयराघवगढ़ थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वाहन की फिटनेस, चालक की भूमिका और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी समेत हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाआएगी
मासूम की जान जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के लिए तय मानकों का वास्तव में पालन हो रहा है? कटनी शहरी क्षेत्र में भी ई रिक्शा पर पाबंदी के बावजूद स्कूल के छात्रों को बड़ी संख्या में ले जाया जा रहा है। इन पर भी किसी तरह की कोई कार्यवाही यातायात विभाग आरटीओ की सामने नहीं आती जब इस तरह के हादसे सामने आते हैं तो विभाग कुछ दिनों तक कार्यवाही के नाम खानापूर्ति करता नजर आता है। अब देखना होगा की स्कूलों में लगे ई-रिक्शा एवं अनफिट वाहनों पर क्या कार्रवाई होती है।






