
दिनांक: 25 मई 2025 | स्थान: कटनी (म.प्र.)
कटनी जिले के माधव नगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बहुराष्ट्रीय कंपनी एवरेस्ट के नाम पर बेचे जा रहे नकली चिकन और मटन मसालों के भंडार का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार कर नकली मसालों के 120 पैकेट और एक मोटरसाइकिल ज़ब्त की गई है, जिनकी अनुमानित कीमत ₹40,000 बताई जा रही है।
नकली मसालों की सूचना पर कार्रवाई
एवरेस्ट कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि की शिकायत पर थाना माधव नगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी दिनेश शिवलानी उम्र 33 वर्ष, निवासी खैबर लाइन, थाना माधव नगर को गिरफ्तार किया। आरोपी की मोटरसाइकिल से एवरेस्ट ब्रांड के 7 ग्राम वजन वाले चिकन और मटन मसालों के सैकड़ों नकली पाउच भी बरामद हुए।
प्रारंभिक पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने इन नकली मसालों की सप्लाई जबलपुर निवासी विक्की उर्फ महेश जेठानी से प्राप्त की थी। फिलहाल उक्त व्यक्ति फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
स्वास्थ्य को खतरा और ब्रांड छवि को नुकसान
कंपनी प्रतिनिधियों के अनुसार, आरोपी के पास न तो ट्रेडमार्क उपयोग का अधिकार था और न ही कोई वैध कॉपीराइट प्रमाणपत्र, इसके बावजूद, वह हूबहू एवरेस्ट ब्रांड के नाम से नकली मसाले बेच रहा था, जिससे उपभोक्ताओं को भ्रमित किया जा रहा था। यह न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि ब्रांड की साख को भी नुकसान पहुँचा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, घटिया स्तर के ऐसे नकली मसालों का उपयोग लंबे समय में गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर तक का कारण बन सकता है।
दर्ज धाराएँ
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएँ 348, 349, 272 तथा कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है। प्रकरण की विवेचना जारी है।
पुलिस की भूमिका और सफलता
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन के निर्देशन में, एडीशनल एसपी डॉ. संतोष डेहरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक चौबे के नेतृत्व में की गई।
इस टीम में उप निरीक्षक दिनेश करोसिया, एएसआई संतोष सिंह, प्रधान आरक्षक अजीत बागरी, आरक्षक मणि सिंह, राघवेंद्र सिंह, अनूप सिंह और उमाकांत तिवारी ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
पुलिस की जनहित में अपील
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि खाद्य सामग्री और मसालों की खरीद करते समय उत्पाद के ब्रांड, पैकेजिंग और प्रमाणिकता की जाँच अवश्य करें। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।






