
कटनी शहर में बिना अनुमति अवैध कॉलोनी विकसित कर प्लॉट बेचने वालों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। निगमायुक्त तपस्या परिहार के निर्देश पर हुई जांच में अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनी विकास के मामले सामने आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ थाना कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।पहला मामला वीर सावरकर वार्ड का है, जहां करीब डेढ़ एकड़ भूमि पर बिना सक्षम अनुमति सड़क निर्माण, डस्ट डालकर भूखंडों का विभाजन और प्लॉट बिक्री किए जाने की शिकायत मिली थी। निगम की जांच में करीब 200 मीटर लंबी सड़क बनाकर भूखंडों का विभाजन और विक्रय किए जाने की स्थिति सामने आई। मामले में भूमि स्वामी अजय कुशवाहा और अनिल कुशवाहा के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस को शिकायत दी गई।
वहीं दूसरा मामला राजीव गांधी वार्ड का है। यहां करीब 0.456 हेक्टेयर भूमि पर बिना अनुमति भूखंडों का विभाजन कर कॉलोनी विकसित करने और सड़क निर्माण की बात जांच में सामने आई। इस मामले में सुधीर कुमार जैन के खिलाफ थाना कोतवाली कटनी में प्रकरण दर्ज किया गया है।दोनों मामलों में मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 292-ग और मध्यप्रदेश कॉलोनी विकास नियम, 2021 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। निगमायुक्त तपस्या परिहार ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम सीमा में बिना अनुमति अवैध कॉलोनी विकसित करने, प्लॉटिंग करने या भूखंड बेचने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी प्लॉट या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति, आवश्यक अनुमतियां और RERA पंजीकरण जरूर जांचें, ताकि अवैध कॉलोनाइजरों के झांसे में आने से बचा जा सके।






