
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर मंडल ने आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव तैयारियों को परखने के लिए सिहोरा रोड और डुंडी स्टेशनों के बीच समपार फाटक नंबर 338 पर बृहद मॉक ड्रिल आयोजित की। एम्बुलेंस और ट्रक की भीषण टक्कर, कई लोगों के हताहत होने और दोनों रेल लाइनों के बाधित होने की सूचना मिलते ही रेलवे का आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय हो गया।
जबलपुर से दुर्घटना राहत चिकित्सा यान और दुर्घटना राहत गाड़ी तथा न्यू कटनी जंक्शन से स्व-संचालित राहत उपकरण घटनास्थल के लिए रवाना किए गए। स्थानीय प्रशासन, पुलिस, अस्पताल और एम्बुलेंस सेवाओं को भी सूचना दी गई।
दोपहर 1:03 बजे वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी द्वारा पूरे घटनाक्रम को आधिकारिक रूप से मॉक ड्रिल घोषित किया गया। अभ्यास के दौरान राहत टीमों के पहुंचने का समय, संचार व्यवस्था, उपकरणों की कार्यक्षमता और प्रशासन के साथ समन्वय की समीक्षा की गई।
मॉक ड्रिल का मकसद
वास्तविक रेल दुर्घटना की स्थिति में रेलवे और प्रशासन की टीमें कितनी तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर सकती हैं, इसे परखना और कमियों को दूर करना इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य रहा।






