
जबलपुर।यात्रियों की सुरक्षा और टिकट जांच व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर मंडल ने सतर्कता विभाग, टिकट चेकिंग स्टाफ और आरपीएफ की संयुक्त टीम के साथ एक विशेष गोपनीय अभियान चलाया।
रेल प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि एक व्यक्ति रात के समय लंबी दूरी की ट्रेनों में टीटीई बनकर यात्रियों के टिकट चेक करता है और उनसे पैसे वसूलता है। 21 और 22 जुलाई 2026 की दरम्यानी रात करीब 2 बजे, ट्रेन संख्या 15018 काशी एक्सप्रेस के सोहागपुर से रवाना होने के बाद स्लीपर कोच एस-1 में जांच टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को टिकट जांच करते हुए देखा सत्यापन के बाद टीम ने उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसकी पहचान 54 वर्षीय अरुण कुमार यादव, निवासी सोहागपुर, जिला नर्मदापुरम के रूप में हुई। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से यात्रियों के टिकटों पर लगाने वाली दो फर्जी सीलें, अवैध वसूली के 3 हजार 500 रुपये नकद, डब्ल्यूसीआरएमएस यूनियन का कार्ड, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर के नाम का पहचान पत्र, पिस्टल जैसी दिखने वाली प्लास्टिक लाइटर और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी सीलों का इस्तेमाल कर खुद को रेलवे का अधिकृत कर्मचारी बताता था और यात्रियों से पैसे वसूलता था घटना की सूचना तत्काल इटारसी स्टेशन को दी गई। ट्रेन के इटारसी पहुंचते ही आरोपी को आरपीएफ और जीआरपी के हवाले कर दिया गया उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।






