
कटनी में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के लिए नगर निगम ने पहल तेज कर दी है। मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार की अध्यक्षता में नगर के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में योजनाओं से जुड़े लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए ऋण स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने और हितग्राहियों को जल्द लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में लीड बैंक मैनेजर मेजरस किंडो, प्रधानमंत्री आवास योजना के नोडल अधिकारी अनिल जायसवाल, उपयंत्री जे.पी. बघेल सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान योजनाओं के अंतर्गत बैंकों में लंबित आवेदनों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
निगमायुक्त तपस्या परिहार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वरोजगार योजनाओं का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूर्ति नहीं, बल्कि पात्र और जरूरतमंद लोगों तक शासन की सुविधाओं को समय पर पहुंचाना है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से संवेदनशील और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र परीक्षण कर नियमानुसार ऋण स्वीकृत करने के निर्देश दिए बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम की भी विस्तृत समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने अधिक से अधिक पात्र परिवारों के ऑनलाइन आवेदन सुनिश्चित करने तथा नगर निगम और बैंकों के संयुक्त प्रयास से विशेष शिविर आयोजित कर नागरिकों को आवेदन एवं ऋण प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों के लंबित ऋण प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष बल दिया गया। निगमायुक्त ने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी संभव है, जब पात्र हितग्राहियों को बिना किसी अनावश्यक देरी के लाभ मिल सके। इसके लिए नगर निगम और बैंकों के बीच लगातार समन्वय और नियमित समीक्षा आवश्यक है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि निगम अधिकारी सप्ताह में एक दिन बैंक शाखाओं में पहुंचकर हितग्राहियों और बैंक अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। नगर निगम और बैंक संयुक्त रूप से लंबित मामलों का निराकरण करेंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके और वे आत्मनिर्भरता तथा बेहतर आवास सुविधा की दिशा में आगे बढ़ सकें।







