
कटनी में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन और यातायात विभाग ने बड़ा अभियान चलाया है। बस स्टैंड पर हुई संयुक्त सघन जांच में कई बसों में गंभीर खामियां सामने आईं। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि कुछ बसों में इमरजेंसी डोर के सामने ही सीटें लगा दी गई थीं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। प्रशासन ने इस लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित बसों की फिटनेस तत्काल निरस्त कर दी है।
कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल के नेतृत्व में परिवहन एवं यातायात विभाग की संयुक्त टीम ने कटनी बस स्टैंड पर सघन जांच अभियान चलाया अभियान के दौरान कुल 41 यात्री बसों का निरीक्षण किया गया। जांच में 7 बसों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 7 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया जांच के दौरान अधिकारियों को 8 बसों में गंभीर सुरक्षा खामी मिली।
इन बसों में इमरजेंसी निकास द्वार के सामने सीटें लगाई गई थीं, जिससे दुर्घटना या आपात स्थिति में यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने का रास्ता बाधित हो रहा था। इसे सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए विभाग ने सभी संबंधित बसों की फिटनेस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मानकों के अनुरूप सुधार कार्य और दोबारा निरीक्षण के बाद ही इन बसों को संचालन की अनुमति दी जाएगी। साथ ही बस संचालकों को वाहन रखरखाव, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और सभी वैधानिक दस्तावेज अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
परिवहन विभाग का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा नियमों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने वाहन चालकों और परिचालकों को भी सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया।








