
कटनी जिले की बरही तहसील से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है, जहां अपनी जमीन पर कथित कब्जे और प्रशासनिक उपेक्षा से परेशान एक नेत्रहीन पत्नी का वृद्ध पति न्याय की आस छोड़कर कलेक्टर के पास अपनी जीवन लीला समाप्त करने की इजाजत मांगने पहुंच गया। पीड़ित का आरोप है कि वह पिछले एक वर्ष से तहसील और जनसुनवाई के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिल रहा। आखिरकार मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में उसने अपनी पीड़ा अधिकारियों और मीडिया के सामने रखी।
बरही तहसील के ग्राम बनगवा निवासी वृद्ध मंगल पटेल का कहना है कि गांव के दबंगों ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। मामले की शिकायत वह कई बार संबंधित पटवारी, आरआई और तहसील कार्यालय में कर चुका है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित का आरोप है कि लंबे समय से पदस्थ राजस्व अधिकारियों की उदासीनता के कारण उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है।
नेत्रहीन मंगल पटेल का कहना है कि वह पिछले एक साल से कभी तहसील कार्यालय तो कभी कलेक्टर जनसुनवाई के चक्कर लगा रहा है। उम्र और शारीरिक स्थिति के बावजूद न्याय की उम्मीद में भटक रहे इस वृद्ध की फरियाद जब कहीं नहीं सुनी गई, तो वह मंगलवार की जनसुनवाई में कलेक्टर से अपनी जीवन लीला समाप्त करने की अनुमति मांगने पहुंच गया
जनसुनवाई में मौजूद लोगों और मीडिया कर्मियों के सामने मंगल पटेल ने अपनी दर्दभरी कहानी सुनाई। उसने बताया कि जमीन पर कब्जे की शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान है। पीड़ित का कहना है कि यदि उसे न्याय नहीं मिल सकता, तो जीने का भी कोई अर्थ नहीं रह जाता।
फिलहाल पीड़ित की शिकायत पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, यह देखना होगा। लेकिन एक नेत्रहीन वृद्ध का न्याय की उम्मीद छोड़कर मौत की इजाजत मांगने पहुंचना प्रशासनिक व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है।








