
कटनी। एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेट्रोल और डीजल की बचत करने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कटनी जिला अस्पताल परिसर में सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला रंगनाथ थाना क्षेत्र से जुड़ी पुलिस वाहन का है, जो एक मुलजिम को मुलाहजा कराने जिला अस्पताल लाई गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस वाहन जिला अस्पताल के एंट्रेंस क्षेत्र में लगभग दो घंटे तक चालू हालत में खड़ी रही, जबकि मौके पर कोई चालक मौजूद नहीं था। पुलिसकर्मी मुलजिम के मुलाहजे की प्रक्रिया में डॉक्टरों के साथ व्यस्त थे, लेकिन वाहन का इंजन लगातार चालू रहा।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई जनप्रतिनिधि और न्यायपालिका के वरिष्ठ सदस्य भी ईंधन बचत का संदेश दे चुके हैं। सोशल मीडिया पर मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों की साइकिल चलाते हुए तस्वीरें भी सामने आ चुकी हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को ईंधन संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा है।
जब इस संबंध में पुलिस वाहन के चालक से चर्चा की गई तो उसने बताया कि वाहन का सेल्फ खराब है, इसलिए इंजन बंद नहीं किया गया। हालांकि इस जवाब ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि सरकारी वाहन का सेल्फ खराब है तो उसका समय पर रखरखाव क्यों नहीं कराया गया? क्या वाहनों के मेंटेनेंस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा, या फिर रखरखाव के लिए उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो रहा?
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी सरकारी वाहन को सार्वजनिक स्थान पर चालक की अनुपस्थिति में चालू छोड़ना सुरक्षा और जवाबदेही दोनों दृष्टि से गंभीर लापरवाही माना जाता है।
अब देखना यह होगा कि कटनी पुलिस अधीक्षक इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई होती है या नहीं।






