
कटनी (27 मई)। जिले में फर्जी चिकित्सकों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विकासखंड बड़वारा के ग्राम विलायतकला में संचालित अवैध “बेस्ट केयर क्लीनिक” पर छापा मारकर उसे सील कर दिया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर ने बताया कि जिला स्तरीय टीम ने क्लीनिक में जांच की, जिसमें जिला चिकित्सालय के सर्जिकल स्पेशलिस्ट डॉ. रीतेश दुबे और प्रभारी नर्सिंग होम नितिन तपा शामिल रहे।
जांच के दौरान क्लीनिक संचालक जाकिर हुसैन ने खुद को बीएएमएस डिग्रीधारी बताया, लेकिन वह अपने शैक्षणिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। साथ ही मध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल में आवश्यक पंजीयन भी नहीं पाया गया। टीम को जांच में यह भी पता चला कि बिना किसी वैध अनुमति के क्लीनिक संचालित किया जा रहा था।
क्लीनिक परिसर में 5 बिस्तर और एलोपैथी दवाइयां मिलीं, जिनके जरिए मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। जबकि बीएएमएस चिकित्सकों को केवल आयुर्वेद पद्धति से उपचार की अनुमति होती है। इसके बावजूद एलोपैथी पद्धति से इलाज किए जाने की पुष्टि हुई।
इन गंभीर अनियमितताओं के आधार पर मध्यप्रदेश उपचारगृह तथा रुजोपचार संबंध स्थापना अधिनियम 1973 की धारा 3 एवं 4 के तहत कार्रवाई करते हुए क्लीनिक से 50 प्रकार की दवाइयां जब्त की गईं और संस्थान को सील कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार बड़वारा हर्षवर्धन रामटेके, थाना प्रभारी के.के. पटेल एवं क्षेत्रीय पटवारी भी मौके पर मौजूद रहे।
सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।








