
कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गरीब श्रमिक को बिना कानूनी प्रक्रिया के चौकी में बंद कर मारपीट करने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों पर गाज गिर गई है। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक आरक्षक और एक कार्यवाहक एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि बस स्टैंड चौकी प्रभारी की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक हिरवारा कौड़िया निवासी श्रमिक अविनाश प्रजापति ने 22 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे बिना किसी वैधानिक कार्रवाई के बस स्टैंड चौकी में घंटों बंद रखा गया और उसके साथ मारपीट की गई।
शिकायत मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि चौकी बस स्टैंड में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 694 अनमोल कुमार और कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक बाल गोविंद प्रजापति ने बिना प्राथमिक जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए श्रमिक को हिरासत में रखा और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया।
एसपी का बड़ा एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कटनी ने तुरंत सख्त कदम उठाए आरक्षक अनमोल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया कार्यवाहक एएसआई बाल गोविंद प्रजापति को भी सस्पेंड कर पुलिस लाइन भेज दिया गया दोनों आरोपियों को निलंबन अवधि में रक्षित केंद्र कटनी संबद्ध किया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) कटनी को जांच सौंपी गई है।
इस घटना के बाद बस स्टैंड चौकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने चौकी प्रभारी की भूमिका की भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों की मानें तो यदि जांच में लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो चौकी प्रभारी पर भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है।






