री-डेंसिफिकेशन प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार — 86 करोड़ से बदलेगा शहर का सरकारी ढांचा

कटनी के कचहरी चौक का पुराना तहसील भवन अब नया रूप लेने जा रहा है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने शनिवार को मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के री-डेंसिफिकेशन प्रोजेक्ट की समीक्षा की — जिसके तहत 86 करोड़ 37 लाख रुपए की लागत से दो बड़े निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रोजेक्ट की डीपीआर (Detail Project Report) को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बहुउद्देशीय और व्यावहारिक बनाया जाए। साथ ही पेड़ों की कटाई को यथासंभव न्यूनतम रखा जाए और निर्माण कार्य शासन के मानकों के अनुरूप हो।

तहसील परिसर में बनेगा नया प्रशासनिक भवन:

पुराने तहसील भवन परिसर में 44 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से करीब 8 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में संयुक्त कार्यालय भवन, आनंद भवन और 25 दुकानें बनाई जाएंगी। इसके अलावा बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा और विजयराघवगढ़ में कुल 15 स्टाफ क्वार्टर 6 करोड़ रुपए की लागत से बनेंगे। साथ ही एकांत वन में टिकट घर व पार्क डेवलपमेंट के लिए 20 लाख रुपए, झिंझरी जीएडी क्वार्टरों की मरम्मत पर 1.75 करोड़ रुपए, और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में 1.54 करोड़ रुपए की लागत से जी-टाइप आवासीय क्वार्टर बनाए जाएंगे।

पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस परिसर में बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग:

सिविल लाइन स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस परिसर के पुनर्घनत्वीकरण के तहत 41 करोड़ 98 लाख रुपए की लागत से दो मंजिला संयुक्त कार्यालय भवन और 8.88 करोड़ रुपए की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी। यह पार्किंग 294 वाहनों के लिए होगी, जिसमें दोपहिया और चारपहिया दोनों शामिल रहेंगे।

साधुराम स्कूल का होगा जीर्णोद्धार:

कलेक्टर तिवारी ने 150 साल पुराने ऐतिहासिक साधुराम स्कूल के जीर्णोद्धार के निर्देश भी दिए हैं। 4 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत से इस धरोहर भवन का नवीनीकरण किया जाएगा।वहीं झिंझरी क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 77 आवास 13 करोड़ 57 लाख रुपए से निर्मित होंगे।

शासन को मिलेगा लाभ:

इन दोनों प्रमुख प्रोजेक्ट्स की कुल लागत 86.37 करोड़ रुपए, जबकि ऑफसेट मूल्य 97.63 करोड़ रुपए है। इस तरह शासन को 11 करोड़ 26 लाख रुपए का राजस्व लाभ होगा।

मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सख्ती:

कलेक्टर तिवारी ने SIR कार्यक्रम 2025-26 के दौरान कैजुअल लीव (CL) को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की छुट्टियों पर रोक लगाई है।

उन्होंने शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, नगर निगम और जिला पंचायत को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए हैं।

कटनी में प्रशासनिक ढांचे के आधुनिकीकरण की यह बड़ी पहल —शहर को नई पहचान और शासन को बेहतर संरचना देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

 

 


 

Leave a Comment

SANSKRITIIAS , IAS COACHING