“भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णु दत्त के प्रयासों से” कटनी को मिला तीसरा केंद्रीय विद्यालय, लेकिन अपार ID बनी अभिभावकों की सबसे बड़ी चुनौती

कटनी में शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि दर्ज हुई है। जिले को तीसरा केंद्रीय विद्यालय मिलने की सौगात मिली है, जिसकी प्रवेश प्रक्रिया हाल ही में शुरू की गई है। यह विद्यालय झिंझरी स्थित महिला कॉलेज के पुराने भवन में प्रारंभ किया गया है और फिलहाल कक्षा 1 से 5 तक के प्रवेश के लिए आवेदन फॉर्म जारी कर दिए गए हैं।

इस उपलब्धि का श्रेय जहां प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णु दत्त शर्मा को दिया जा रहा है, वहीं अतीत की बात करें तो यह प्रयास वर्ष 2006-07 में तत्कालीन विधायक एपी सिंह एवं केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह के सहयोग से भी शुरू हुआ था। हालांकि, तब जगह की अनुपलब्धता और व्यवस्थागत कमजोरियों के चलते विद्यालय को कई स्थानों पर अस्थायी रूप से संचालित करने के बाद अंततः बंद कर दिया गया था।

झिंझरी केंद्रीय विद्यालय में अपार ID की अनिवार्यता बनी बच्चो को सबसे बड़ी बाधा

नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से जहां जिले में उम्मीदें जगी हैं, वहीं एडमिशन प्रक्रिया में अपार ID की अनिवार्यता ने सैकड़ों बच्चों और उनके अभिभावकों को असमंजस और परेशानी में डाल दिया है। कक्षा 2 से 5 तक के छात्रों के लिए अपार ID जरूरी कर दी गई है, जबकि जिले के कई स्कूलों ने अब तक यह ID जनरेट ही नहीं की है। इसकी मुख्य वजह हाल ही में शासन की पोर्टल साइड बंद होना बताया जा रहा है।

इस विषय में जब बी.आर.सी. अधिकारी मनोज गौतम से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि पिछले 25 दिनों से शासन का अपार ID पोर्टल बंद है, जिसके चलते नई ID नहीं बनाई जा पा रही है।

झिंझरी केंद्रीय विद्यालय स्कूल प्रबंधन लचीलापन दिखाने को तैयार नहीं

कई अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय प्रबंधन अपार ID के बिना फॉर्म स्वीकार नहीं कर रहा है। जबकि लॉटरी या स्कूटिनी प्रक्रिया के बाद यह ID जमा कराई जा सकती है। लेकिन स्कूल प्रबंधन कठिनाइयों से बचने के लिए फॉर्म ही स्वीकारने से इनकार कर रहा है।

जनप्रतिनिधि वावाही में मशगूल, आम जनता परेशान

वहीं जनप्रतिनिधि विद्यालय स्थापना की उपलब्धि पर सियासी श्रेय लेने में व्यस्त हैं, लेकिन जिन परिवारों के बच्चों के पास अपार ID नहीं बनी है, उन्हें प्रवेश प्रक्रिया से वंचित होना पड़ रहा है। अभिभावकों को शिक्षा विभाग और स्कूलों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा।

बड़ा सवाल: अपार ID पोर्टल केंद्रीय विद्यालय की एडमिशन प्रक्रिया के समय ही क्यों बंद किया गया?

यह सवाल अब अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर अपार ID पोर्टल को ऐसे समय पर बंद क्यों किया गया, जब केंद्रीय विद्यालयों में एडमिशन की प्रक्रिया चालू है? कहीं यह प्रक्रिया को सीमित करने या अभ्यर्थियों की छंटनी का ‘औपचारिक तरीका’ तो नहीं बन गया?

Leave a Comment

SANSKRITIIAS , IAS COACHING