
कटनी जिले के कैमोर थाना क्षेत्र में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। वर्ष 2022 के इस सनसनीखेज मामले में कोर्ट ने आरोपी शिवकुमार पटेल उर्फ सोनू उर्फ भक्का को दोषी मानते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अलग-अलग धाराओं में अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक आशुतोष द्विवेदी ने मजबूत पैरवी करते हुए मेडिकल, वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ ठोस पक्ष रखा।
घटना 10 सितंबर 2022 की देर रात की है, जब कैमोर थाना क्षेत्र में अपने घर में सो रही करीब साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची अचानक गायब हो गई थी। परिजनों ने तलाश शुरू की तो बच्ची घर के पास रोती हुई मिली। बच्ची की हालत गंभीर थी और वह दर्द से कराह रही थी। पूछताछ में मासूम ने इशारों में बताया कि एक व्यक्ति उसे उठाकर ले गया और उसके साथ गलत काम किया।
परिजनों ने संदेह के आधार पर आरोपी सोनू पटेल को पकड़ा, जिसे बच्ची ने पहचान लिया था। हालांकि आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया था।
विचारण के दौरान कोर्ट ने आरोपी को धारा 376 एबी, पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में दोषी पाया। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को कठोर सजा सुनाते हुए यह स्पष्ट संदेश दिया कि मासूमों के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
2022 के चर्चित दुष्कर्म मामले में आया फैसला
पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 20 साल की सजा
मासूम बच्ची ने आरोपी की पहचान की थी
मेडिकल और वैज्ञानिक साक्ष्य बने सबसे बड़ा आधार
कोर्ट ने कहा—ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई जरूरी






