
कटनी के हीरागंज स्थित दक्षिण मुखी काली मंदिर में हुई चोरी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मंदिर के पुजारी मयंक दुबे द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, 9 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 6 बजे पूजा-अर्चना के बाद वे कुछ देर के लिए चाय पीने गए थे। लौटने पर देखा कि मंदिर से माता का चांदी का मुकुट, झुमका और सोने की नथ गायब थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अप.क्र. 357/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
सीसीटीवी से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें दो संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल से भागते हुए नजर आए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की।
दबिश देकर आरोपी गिरफ्तार
10 अप्रैल को तिलक कॉलेज के पास प्रेमनगर क्षेत्र से एक संदिग्ध को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रकाश दुबे उर्फ अभिषेक दुबे (20 वर्ष) बताया, जो मूलतः भोपाल का निवासी है और वर्तमान में कटनी में रह रहा था। उसने अपने सौतेले भाई के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना कबूल किया।
कई मंदिरों में चोरी की वारदात कबूली
पूछताछ में आरोपी ने कटनी और उमरिया जिले के कई मंदिरों में चोरी करना स्वीकार किया, जिनमें शामिल हैं:
मानपुर रोहनिया (उमरिया) का ज्वाला मुखी माता मंदिर,ग्राम ददरी का हनुमान मंदिर,कटनी के पड़रिया और पिपरौध स्थित दुर्गा मंदिर,हीरागंज का काली मंदिर
चोरी का माल बेचने वाला भी गिरफ्तार
आरोपी ने बताया कि चोरी का माल उमरिया निवासी राहुल उर्फ लालू सोनी (38 वर्ष) को बेचा गया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर हीरागंज मंदिर से चोरी गई सोने की नथ बरामद कर ली।
पिता और नाबालिग भी शामिल
जांच में आरोपी के पिता कृष्ण कुमार दुबे और एक 15 वर्षीय नाबालिग की संलिप्तता भी सामने आई है। आरोपी ने बताया कि चोरी के लिए वह अपने पिता की मोटरसाइकिल इस्तेमाल करता था और बदले में पैसे देता था।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का अन्य सामान भी बरामद किया गया है। विभिन्न थानों में दर्ज मामलों की सूचना संबंधित पुलिस इकाइयों को दे दी गई है, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
आदतन अपराधी निकला मुख्य आरोपी
मुख्य आरोपी प्रकाश दुबे के खिलाफ पहले से ही मंदिर चोरी के 7 मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे मामले के खुलासे में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया व नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेय सहित पुलिस टीम और साइबर सेल की अहम भूमिका रही।







