रीठी वन क्षेत्र में पहली बार दिखा राजगिद्ध, गिद्ध गणना में बढ़ी संख्या

newsvoiceofindia/

कटनी जिले के रीठी वन परिक्षेत्र से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। प्रदेश व्यापी गिद्ध गणना 2025-26 के दौरान पहली बार यहां राजगिद्ध की मौजूदगी दर्ज की गई है।
मध्यप्रदेश में 20 से 22 फरवरी 2026 तक सूर्योदय से सुबह 9 बजे तक शीतकालीन गिद्ध गणना अभियान चलाया गया।

इस बार गणना प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है। पहली बार एक विशेष ऑनलाइन ऐप के माध्यम से गिद्धों की गणना की गई, जिससे आंकड़ों के संकलन और रिपोर्ट तैयार करने में आसानी हुई। लगभग 25 वनकर्मियों ने इस ऐप के जरिए तीन दिनों तक क्षेत्रवार सर्वे किया रीठी वन परिक्षेत्र के बिलहरी, कुम्हरवारा टैंक, कैना और इमलाज क्षेत्रों में क्रमशः तीन दिनों में 12, 24 और 21 गिद्ध देखे गए।

मध्यप्रदेश में कुल 7 प्रजातियों के गिद्ध पाए जाते हैं, जिनमें 4 स्थानीय और 3 प्रवासी प्रजातियां शामिल हैं। रीठी क्षेत्र में चार स्थानीय प्रजातियां दर्ज की गईं —
लौंग बिल्ड वल्चर, व्हाइट रंपेड वल्चर, इजिप्शियन वल्चर, रेड हेडेड वल्चर (राजगिद्ध)

वन परिक्षेत्र अधिकारी महेश पटेल के बताए अनुसार, इस बार न केवल गिद्धों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई, बल्कि पहली बार रेड हेडेड वल्चर यानी राजगिद्ध का दिखाई देना संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत है।
देशभर में गिद्धों की घटती संख्या चिंता का विषय रही है। ऐसे में रीठी वन क्षेत्र में राजगिद्ध की उपस्थिति और बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण और जनजागरूकता अभियान अब सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं।

Leave a Comment

SANSKRITIIAS , IAS COACHING
[democracy id="1"]

“22 हज़ार से अधिक नीट परीक्षार्थियों के लिए रेल प्रशासन द्वारा पांच स्टेशनों पर विशेष हेल्प सुविधा… परीक्षार्थियों की सहायता में आर पी एफ, रेलवे स्टाफ, स्काउट्स एवं सेंट जॉन सदस्य पूरी मुस्तैदी से करेंगे सहयोग” ” 

“22 हज़ार से अधिक नीट परीक्षार्थियों के लिए रेल प्रशासन द्वारा पांच स्टेशनों पर विशेष हेल्प सुविधा… परीक्षार्थियों की सहायता में आर पी एफ, रेलवे स्टाफ, स्काउट्स एवं सेंट जॉन सदस्य पूरी मुस्तैदी से करेंगे सहयोग” ” 

SANSKRITIIAS , IAS COACHING