
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुरुआत की घोषणा की।
उन्होंने कहा—“सूर्योदय के साथ ही जीएसटी बचत उत्सव शुरू होगा। इस त्योहार सीजन में हर गरीब, मध्यम वर्ग, नियो मिडिल क्लास, किसान, युवा, महिला, दुकानदार और व्यापारी को इसका फायदा मिलेगा। आपकी बचत बढ़ेगी, और आपकी पसंद का सामान और आसान होगा।”
मोदी ने याद दिलाया कि 2017 में जीएसटी लागू कर दर्जनों टैक्स के जाल से देश को मुक्ति दिलाई थी। अब नए जीएसटी सुधारों के बाद सिर्फ 5% और 18% के दो स्लैब रहेंगे। रोजमर्रा के सामान – दवाइयां, खाने-पीने की चीजें, ब्रश-पेस्ट, बीमा आदि पर टैक्स शून्य या 5% ही होगा।
उन्होंने कहा—“जिन वस्तुओं पर 12% टैक्स था, उनमें से 99% अब 5% के दायरे में आ गई हैं। इससे घर बनाना, स्कूटर-कार खरीदना और होटल में ठहरना सब सस्ता होगा।”
मोदी ने बताया कि 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री करने से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है। गरीब और नियो मिडिल क्लास को अब डबल फायदा मिलेगा—एक ओर टैक्स कम, दूसरी ओर चीजें सस्ती।
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पाद अपनाने पर जोर देते हुए कहा—“हमारे एमएसएमई, लघु व कुटीर उद्योग भारत की ताकत हैं। हमें दुनिया में बेस्ट क्वालिटी बनाकर भारत का गौरव बढ़ाना है। हमारी हर खरीद और बिक्री स्वदेशी को बढ़ावा देनी चाहिए।”
मोदी ने बताया कि इनकम टैक्स और जीएसटी में छूट से देश के लोगों को साल भर में 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी।
अंत में पीएम मोदी ने राज्य सरकारों, उद्यमियों और नागरिकों से आग्रह किया—“गर्व से कहो मैं स्वदेशी खरीदता हूं, मैं स्वदेशी बेचता हूं। जब केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे तो विकसित भारत का सपना पूरा होगा।”






