
कटनी |जिले के समस्त आंगनवाड़ी केन्द्रों में 1 से 15 जून 2025 तक 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है। यह अवकाश 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं अन्य नियमित हितग्राहियों के लिए रहेगा, लेकिन इस अवधि में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।
???? केन्द्रों में होंगे रख-रखाव व व्यवस्थात्मक कार्य
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास नयन सिंह के अनुसार, अवकाश अवधि का उपयोग केन्द्रों के समग्र सुधार हेतु किया जाएगा।
इस दौरान निम्नलिखित गतिविधियाँ संपादित की जाएंगी:
केन्द्र भवन की साफ-सफाई एवं मरम्मत
खेल सामग्री, रसोई, शौचालय, व पेयजल व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण
रिकॉर्ड संधारण एवं दस्तावेज अद्यतन
स्टॉक पंजीकरण, टेक होम राशन वितरण का विवरण
संपर्क एप्लिकेशन में डाटा अपलोडिंग
वार्षिक सर्वेक्षण (AASR) का संचालन
???? पोषण और आहार व्यवस्थाएं रहेंगी निरंतर
बच्चों के लिए इस अवधि में गर्म पका भोजन एवं नाश्ते के स्थान पर “रेडी टू ईट (RTE)” भोज्य पदार्थ का वितरण किया जाएगा, जिसे महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा वितरित किया जाएगा।
???? पोषण वाटिका की तैयारी
बाउंड्रीवॉल युक्त आंगनवाड़ी केन्द्रों व कुपोषित बच्चों के घरों में पोषण वाटिका हेतु क्यारियों का निर्माण किया जाएगा।
बीज एवं पौधों की उपलब्धता हेतु स्थानीय पंचायतों से समन्वय स्थापित किया जाएगा।
???? स्वास्थ्य और पोषण सेवाएँ
टीकाकरण, C-MAM कार्यक्रम की निगरानी,
पोषण परामर्श, और गृह भेंटों के माध्यम से सेवाओं का संवर्धन किया जाएगा।
बाल विकास परियोजना अधिकारी व पर्यवेक्षकगण दूरस्थ और विशेष देखरेख वाले केन्द्रों पर निरंतर निगरानी बनाए रखेंगे।
???? अवकाश अवधि का कार्यक्रम सारांश
| दिनांक | गतिविधि |
|---|---|
| 1 – 10 जून | परिवार सर्वेक्षण एवं हितग्राही पहचान |
| 10 – 15 जून | वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समीक्षा |
| 16 जून | बच्चों एवं महिलाओं के स्वागत के साथ नियमित गतिविधियों का पुनः शुभारंभ |
निष्कर्ष
यह 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन अवकाश केवल शिक्षण गतिविधियों के स्थगन तक सीमित रहेगा। केन्द्रों में पोषण, परामर्श, डाटा प्रबंधन, सर्वेक्षण एवं सुधारात्मक कार्य निरंतर चलते रहेंगे, जिससे आगामी कार्यकाल में सेवाएं और भी सुदृढ़ रूप में संचालित की जा सकें।






