
कटनी के माधवनगर थाना क्षेत्र के आमिरगंज में मारपीट के मामले में आरोपी शिवम उर्फ शुभम गुप्ता को न्यायालय से राहत नहीं मिली। अपराध क्रमांक 928/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 296, 351(2), 119(1) एवं 3(5) के तहत दर्ज मामले में आरोपी की ओर से नियमित जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
29 अक्टूबर 2026 को चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय, कटनी में जमानत आवेदन पर सुनवाई हुई। आरोपी की ओर से अधिवक्ता मोनू सोनी, राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक के.के. तिवारी और फरियादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता यश खरे उपस्थित हुए।
सुनवाई के दौरान फरियादी पक्ष के अधिवक्ता यश खरे ने जमानत आवेदन का पुरजोर विरोध करते हुए न्यायालय के समक्ष घटनास्थल का वीडियो प्रस्तुत किया। उन्होंने वीडियो के माध्यम से फरियादी के साथ हुई कथित मारपीट की घटना को न्यायालय के संज्ञान में लाते हुए आरोपी को जमानत दिए जाने का विरोध किया।
अधिवक्ता यश खरे ने न्यायालय को यह भी बताया कि फरियादी विकलांग है और घटना में घायल होने के बाद आज भी अपना उपचार करा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य आरोपी के फरार होने की स्थिति तथा आरोपियों के पूर्व आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए तर्क रखा कि ऐसी परिस्थितियों में आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।
न्यायालय के आदेश के अनुसार, पुलिस रिपोर्ट में आरोपी के विरुद्ध पूर्व में तीन आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई। फरियादी पक्ष द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और जमानत के विरोध में रखे गए तर्कों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने 29 अक्टूबर 2026 को आरोपी शिवम उर्फ शुभम गुप्ता का नियमित जमानत आवेदन निरस्त कर दिया।
इस मामले में फरियादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता यश खरे ने घटनास्थल के वीडियो, फरियादी की दिव्यांगता, जारी उपचार और आरोपी के आपराधिक पूर्ववृत्त को प्रमुखता से न्यायालय के समक्ष रखते हुए जमानत का पुरजोर विरोध किया।







