
कटनी के प्रसिद्ध “कटनी मार्बल” को भौगोलिक संकेतक यानी GI टैग दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर जिले की सभी मार्बल इकाइयों के संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक 5 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में GI पंजीयन की प्रक्रिया के साथ-साथ मार्बल उत्पादकों के एसोसिएशन के गठन को लेकर चर्चा होगी मार्बल को देश और विदेश में अलग पहचान दिलाने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। “कटनी मार्बल” के GI पंजीयन के लिए मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा आवेदन पहले ही प्रस्तुत किया जा चुका है, जो फिलहाल प्रक्रिया के अगले चरण में है।
स्थानीय मार्बल उत्पादकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उत्पादकों के एसोसिएशन को GI आवेदन में सह-आवेदक बनाए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए “कटनी मार्बल एसोसिएशन” का गठन कर उसे सोसायटी के रूप में पंजीकृत कराया जाएगा इसी सिलसिले में सोमवार, 5 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के कार्यालय में जिले की सभी मार्बल इकाइयों के संचालकों की बैठक होगी। बैठक में GI पंजीयन, एसोसिएशन के गठन एवं पंजीयन और मार्बल इकाई संचालकों की भूमिका सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
GI टैग मिलने के बाद कटनी मार्बल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही दूसरे स्थानों के मार्बल की कटनी के नाम से बिक्री पर रोक लगाने में भी मदद मिल सकती है। इससे स्थानीय उत्पादकों को बेहतर मूल्य मिलने और निर्यात के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ज्योति सिंह ने जिले के सभी मार्बल इकाई संचालकों, व्यवसायियों और कारीगरों से बैठक में शामिल होकर GI पंजीयन की प्रक्रिया में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।






