
कटनी। जिले में ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था और खनिज विभाग की टीपी प्रणाली को लेकर ट्रांसपोर्टरों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे जाने के करीब एक सप्ताह बाद भी कोई ठोस जवाब नहीं मिलने से ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है।
कटनी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से जुड़े करीब तीन दर्जन ट्रांसपोर्टरों ने 10 अगस्त को मुख्यमंत्री के नाम कटनी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग की थी। ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि खनिज विभाग की टीपी व्यवस्था और परिवहन के दौरान आने वाली विभिन्न परेशानियों के कारण उनका कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है।
ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक डीजल, वाहन मेंटेनेंस, टैक्स और अन्य खर्चों के बीच पहले ही कारोबार करना मुश्किल है। इसके अलावा रास्ते में पुलिस, यातायात और परिवहन विभाग की कार्रवाई तथा कथित अवैध वसूली के दबाव से लागत और बढ़ रही है। एसोसिएशन ने खनिज विभाग की टीपी व्यवस्था में पारदर्शिता और व्यवहारिक सुधार की मांग भी उठाई है।
सात दिन बाद भी जवाब नहीं मिलने से बढ़ा आक्रोश
ट्रांसपोर्ट संचालकों का कहना है कि ज्ञापन देने के बाद सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों को लेकर प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल या जवाब नहीं मिला है। इसी को लेकर अब ट्रांसपोर्ट संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
एसोसिएशन का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर अपने वाहनों के साथ जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे और करीब 2 हजार वाहनों को कार्यालय के बाहर खड़ा कर प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, कुछ ट्रांसपोर्ट संचालकों ने आक्रोश में अपने वाहनों को आग के हवाले करने जैसी चेतावनी भी दी है। हालांकि इस तरह की कार्रवाई गंभीर और खतरनाक हो सकती है, इसलिए अब जिला प्रशासन और पुलिस की भूमिका अहम मानी जा रही है।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि ट्रांसपोर्टरों की मांगों को लेकर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकाला जाता है या फिर ट्रांसपोर्टरों को बड़े आंदोलन की राह पर जाना पड़ेगा।






