
कटनी जिले के विद्यार्थियों को अब कानून की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़े, इसके लिए युवा अधिवक्ता यश खरे ने महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कटनी में 3 वर्षीय एलएलबी और 5 वर्षीय बी.ए.-एलएलबी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की मांग को लेकर सांसद विष्णुदत्त शर्मा को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में अधिवक्ता यश खरे ने बताया कि कटनी जिला शिक्षा और न्यायिक गतिविधियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है, लेकिन यहां शासकीय स्तर पर विधि शिक्षा की समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में कानून की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों को अन्य जिलों या निजी संस्थानों में प्रवेश लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ और परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने मांग की है कि जनहित और विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 3 वर्षीय एलएलबी तथा 5 वर्षीय बी.ए.-एलएलबी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं। उनका कहना है कि इससे जिले के हजारों विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा प्राप्त होगी और न्याय एवं विधि के क्षेत्र में नए योग्य युवाओं का निर्माण होगा।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कटनी जिला न्यायिक और प्रशासनिक दृष्टि से लगातार विकसित हो रहा है। ऐसे में शासकीय महाविद्यालय में विधि पाठ्यक्रमों का संचालन समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गया है। इससे विद्यार्थियों को कम खर्च में उच्च गुणवत्ता की विधि शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी।
अधिवक्ता यश खरे ने सांसद विष्णुदत्त शर्मा से आग्रह किया है कि वे इस मांग को मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग और संबंधित विश्वविद्यालय के समक्ष प्रभावी रूप से उठाएं तथा आवश्यक स्वीकृति दिलाने का प्रयास करें, ताकि कटनी के विद्यार्थियों को अपने ही जिले में कानून की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके।
अब देखना होगा कि विद्यार्थियों के हित से जुड़ी इस मांग पर शासन और उच्च शिक्षा विभाग कितना गंभीर रुख अपनाते हैं और कटनी में विधि शिक्षा के नए द्वार कब तक खुलते हैं।








