
कटनी (30 जनवरी)।लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नामांतरण प्रकरण में तय समय-सीमा के बावजूद 80 दिनों से अधिक की देरी सामने आने पर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर ने बिलहरी के नायब तहसीलदार इसरार खान से स्पष्टीकरण तलब किया है, वहीं संबंधित हल्का पटवारी सचिन श्रीवास्तव को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।
यह है पूरा मामला
27 जनवरी को रीठी में आयोजित जनसुनवाई के दौरान आवेदक सुनील कुमार ने कलेक्टर को शिकायत दी कि उन्होंने अपनी खरीदी गई भूमि के नामांतरण हेतु 19 सितंबर 2025 को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आवेदन किया था। आवेदन के निराकरण की अंतिम तिथि 5 नवंबर 2025 निर्धारित थी, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी नामांतरण की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई।
कलेक्टर का सख्त संदेश
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी ने नायब तहसीलदार इसरार खान को जारी स्पष्टीकरण में कहा कि पदीय कर्तव्यों का निर्वहन और शासन की प्रक्रिया का पालन न करते हुए बिना युक्तियुक्त कारण के आवेदन को 80 दिनों तक लंबित रखना लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उल्लंघन है। उन्होंने अधिनियम की धारा-7 के अंतर्गत सेवा प्रदाय में विलंब पर शास्ति अधिरोपित किए जाने तथा धारा-7 की उपधारा (4) के तहत सेवा नियमों के अनुसार कार्यवाही की चेतावनी दी है। साथ ही, लंबित आवेदन के संबंध में 7 दिवस में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पटवारी को कारण बताओ नोटिस इसी क्रम में हल्का पटवारी सचिन श्रीवास्तव को जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि उनका कृत्य लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दिशा-निर्देशों की अवहेलना, पदीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता और शासकीय कार्यों में लापरवाही को दर्शाता है। यह आचरण म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है। पटवारी को 7 दिवस में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
कलेक्टर की इस कार्रवाई से प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।






