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मध्यप्रदेश का कटनी नगर निगम इन दिनों पानी जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। यहां हालात यह हैं कि जनता को न सिर्फ अपेक्षित पानी सप्लाई नहीं मिल रही, बल्कि उस पर चक्रवृद्धि ब्याज और अतिरिक्त टैक्स का बोझ भी डाला जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश के कई अन्य जिलों में जहां 12 घंटे की पानी सप्लाई के लिए करीब 170 रुपये मासिक शुल्क लिया जा रहा है, वहीं कटनी नगर निगम क्षेत्र के वार्डवासियों से 234 रुपये वसूले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस शुल्क को “24 घंटे पानी सप्लाई” के नाम पर लिया जा रहा है, जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें डेढ़ घंटे से ज्यादा पानी नहीं दिया जा रहा।
इंद्र मिश्रा भाजपा युवा मोर्चा कटनी
भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता इंद्र मिश्रा के अनुसार, जो उपभोक्ता आर्थिक कारणों से समय पर नल जलकर जमा नहीं कर पाता और यदि दो-तीन साल तक भुगतान नहीं हो पाता, तो नगर निगम उस पर चक्रवृद्धि ब्याज लगाकर पेनल्टी सहित वसूली करता है। पानी जैसी बुनियादी जरूरत पर इस तरह का ब्याज आम जनता के लिए भारी परेशानी बन गया है।
इस मुद्दे को लेकर नगर निगम कार्यालय में प्रदर्शन भी किया गया और ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के दौरान नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक द्वारा जलकर पर लगाए जा रहे चक्रवृद्धि ब्याज एवं अध्यारोपित टैक्स को समाप्त करने के लिए पत्र जारी किए जाने की बात सामने आई थी। बावजूद इसके, आज दिनांक तक नगर निगम के अधिकारियों ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
नतीजतन, वार्डवासी आज भी चक्रवृद्धि ब्याज की मार झेलने को मजबूर हैं। पानी जैसी मूलभूत सुविधा पर अतिरिक्त ब्याज और कथित प्रताड़ना को लेकर लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। अब देखना यह है कि नगर निगम प्रशासन इस गंभीर जनसमस्या पर कब और क्या कदम उठाता है।






