
कटनी से बड़ी खबर — बड़वारा तहसील के झरेला गांव में शुक्रवार को उस समय हंगामा मच गया जब मुक्तिधाम की जमीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। ग्रामीणों ने एक मृत महिला के शव को मुक्तिधाम पर रखकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रशासन और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद चार घंटे की मशक्कत के बाद जाकर अंतिम संस्कार हो सका।
घटना शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे की है। झरेला गांव की बुजुर्ग महिला गेंदाबाई विश्वकर्मा की आकस्मिक मृत्यु के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए दशकों पुराने मुक्तिधाम पहुंचे — लेकिन वहां पहले से विवाद उनका इंतज़ार कर रहा था।
जानकारी के मुताबिक स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के ही नाथू सिंह और उनकी पुत्री ज्योति सिंह ने अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने मुक्तिधाम पर ही शव रखकर धरना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप:
हम सालों से यहीं अंतिम संस्कार करते आए हैं, अब कोई निजी कब्जे का दावा कर रहा है और पवित्र परंपरा में बाधा डाल रहा है।
सरपंच गुड़िया बाई पाल का बयान:
जिस जमीन को निजी बताया जा रहा है, वह पंचायत की भूमि है। यहां वृक्षारोपण और फेंसिंग भी पंचायत द्वारा की जा चुकी है — फिर भी कब्जे की कोशिश जारी है। विवाद बढ़ने पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और मृतक के परिजनों से बातचीत की और मुक्तिधाम की भूमि के सीमांकन और कब्जा हटाने का आश्वासन दिया।
करीब चार घंटे तक चला ये हाई-वोल्टेज ड्रामा — आखिरकार प्रशासनिक समझाइश और भरोसे के बाद खत्म हुआ। उसके बाद महिला गेंदाबाई विश्वकर्मा का अंतिम संस्कार किया जा सका फिलहाल ग्रामीण प्रशासन के आश्वासन पर शांत हुए हैं,






