
कटनी। कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ दिलाना सभी की जिम्मेदारी है। बैंकर्स ऋण वितरण को गंभीरता और संवेदनशीलता से करें ताकि लाभार्थियों को स्वावलंबी उद्यमी बनाया जा सके।
कलेक्टर श्री तिवारी ने यह निर्देश शुक्रवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक में दिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त सुश्री तपस्या परिहार, जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड विकास जैन, अग्रणी जिला प्रबंधक एम. किंडो सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंकर्स और बीमा कंपनी के शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।
बैठक में विभिन्न शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जिन बैंकों द्वारा लक्ष्य प्राप्त नहीं किए गए हैं, वे तुरंत स्थिति में सुधार लाएं।उन्होंने उन बैंक शाखाओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की, जिन्होंने ऋण स्वीकृत तो किए पर वितरण नहीं किया, और तुरंत ऋण वितरण के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति और वेयरहाउस योजनाओं के तहत वितरित प्रकरणों की अनुदान राशि शीघ्र क्लेम करने के निर्देश भी दिए।
नगर निगम आयुक्त सुश्री परिहार ने पीएम स्वनिधि योजना के नए लक्ष्यों की जानकारी दी — अब ऋण सीमा 15 हजार, 25 हजार और 50 हजार रुपए तक बढ़ा दी गई है। साथ ही पीएम एफएमई योजना के अंतर्गत स्वीकृत प्रकरणों के शीघ्र वितरण और नए प्रकरण तैयार कर बैंकों को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर तिवारी ने अंत्यावसायी एवं अनुसूचित जाति-जनजाति विभाग को अधिक से अधिक ऋण प्रकरण भेजने के निर्देश दिए। साथ ही को-ऑपरेटिव बैंक को मत्स्य विभाग के स्वीकृत प्रकरण शीघ्र वितरित करने को कहा।
बैठक में राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला स्तरीय बीमा समिति के गठन पर चर्चा की गई।
अग्रणी जिला प्रबंधक एम. किंडो ने बताया कि नवंबर माह में अगली बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें लंबित प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी।
कलेक्टर ने बीमा कंपनियों के शाखा प्रबंधकों को मिशन 2047 के तहत “सभी के लिए बीमा” के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु गुणवत्ता पूर्ण व उचित दर पर सेवा प्रदान करने के निर्देश दिए।
अंत में कलेक्टर श्री तिवारी ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि अगली तिमाही की बैठक से पहले सभी लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरे किए जाएं।







