राजस्व अधिकारियों का विरोध फिर से प्रारंभ, कलेक्टर कटनी श्री यादव को सौंपा गया ज्ञापन

न्यूज़ वॉइस ऑफ़ इंडिया

कटनी (मध्यप्रदेश), 04 अगस्त 2025
राजस्व विभाग के न्यायिक और गैर-न्यायिक विभाजन को लेकर मध्य प्रदेश के राजस्व अधिकारी एक बार फिर विरोध की राह पर हैं। मध्य प्रदेश राजस्व अधिकारी (कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा) संघ द्वारा कलेक्टर कटनी दिलीप कुमार यादव को एक ज्ञापन पत्र सौंपा गया। यह ज्ञापन मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, मंत्रालय वल्लभ भवन के नाम संबोधित था।

संघ ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में 20 जुलाई 2025 को दिए गए स्थगन पत्र के बावजूद सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन पूरे नहीं किए गए। संघ का आरोप है कि न्यायिक और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के बीच विभाजन को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सीमित जिलों में लागू करने का वादा किया गया था, लेकिन इसके विपरीत धार, भिंड, खरगोन, बालाघाट, मंदसौर, देवास, कटनी, मंडला और रीवा जैसे जिलों में यह योजना लागू कर दी गई।

संघ ने यह भी आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त संसाधनों और स्टाफ के, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारियाँ दी जा रही हैं, जिससे अमला हतोत्साहित और कार्य निष्पादन में असमर्थ महसूस कर रहा है।

संवर्ग की प्रमुख आपत्तियाँ और मांगें

1. राजस्व न्यायालय का मर्ज तत्काल रोका जाए।

2. गैर-न्यायिक अधिकारियों को पर्याप्त संसाधन व स्टाफ उपलब्ध कराया जाए।

3. विभाजन योजना को पूर्णतः वापस लिया जाए या पुनः समीक्षा हेतु रोक लगाई जाए।

4. पूर्व में दिए गए आश्वासनों पर तत्काल अमल किया जाए।

 

45 जिलों की संयुक्त बैठक में लिया गया निर्णय

कटनी में आयोजित संवर्ग की प्रांतीय कार्यकारिणी बैठक में प्रदेश के 45 जिलों से आए अध्यक्षों, प्रभारियों एवं प्रतिनिधियों ने लगभग ढाई घंटे मंथन के बाद सर्वसम्मति से विरोध को पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया। इसके उपरांत एक विस्तृत ज्ञापन पत्र कटनी कलेक्टर को सौंपा गया।

संवर्ग की चेतावनी

संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो राज्यव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी।

यह है मामला

राजस्व प्रशासन के भीतर गहराते असंतोष और शासन की नीतियों को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि शासन इस विरोध को किस तरह से संभालता है।

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