जरा सी बरसात से लोगो को गर्मी से मिली राहत तो वही नगर निगम की व्यवस्था की भी पोल खुल गई, जरा सी बारिश में वार्ड की रोड हुई जलमग्न

कटनी। बरसात की पहली बारिश से गर्मी में लोगों को राहत मिली तो वही सुबह हालांकि तेज धूप और गर्मी से लोग हलाकान रहे लेकिन दोपहर होते होते मानसूनी बारिश के बादल आसमान पर छाने लगे। वही छाए बादलों की गड़गड़ाहट भी बारिश के मौसम का आभास करा रही थी। शाम साढ़े 4 बजे से तेज बारिश शुरू हुई जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम के अनुमान से आने वाले दिनों में भी मानसून इसी तरह सक्रिय रहने की उम्मीद है। अगर बात करे तो पूरे शहर में खुदी हुई सड़के पड़ी हुई है न जाने क्या हाल होगा अभी बरसात शुरू भी नहीं हुई और लोगो का परेशानी का सामना करना अभी से शुरू हो गया है,नगर निगम के द्वारा रोड एवं नालियों की साफ सफाई सिर्फ नाम मात्र रह गई है,पहली बरसात में ही आम जनता का परेशान होना अब शुरू हो गया है, बात करे तो शहर के साथ साथ अब गली मोहल्ले में भी बरसात के जल से परेशान होना लोगो का शुरू हो गया जो ये तस्वीर बया कर रही है।

दरासल मदन मोहन चौबे वार्ड के रहवासी किस तरह परेशान हो रहे है। इन तस्वीरों में देख सकते है, क्षेत्र के लोगों का कहना की बरसात तो एक बहाना है,यहां ये समस्या हमेशा बनी रहती साफ सफाई कर्मचारी काम पर ध्यान नहीं देते है जिस तरह ये गंदा पानी घर पर जा रहा है,उससे लोग बीमार पड़ेंगे,उसका जवाबदार कोन होगा,नगर निगम अधिकारियों को हर वार्ड पर ध्यान देना चाहिए सफाई से लेकर नालियों तक वार्ड के नागरिकों का कहना है की अभी तो ये पहली बरसात है हम लोगो का आगे आने वाली तेज बारिश में क्या होगा।

रेलवे का ग्रेड सेपरेटर ब्रिज बना लोगो की समस्या का कारण

कटनी में झलवारा से मझग्मा तक बन रहा ग्रेट सेपरेटर ब्रिज जो भारत का रेलवे का सबसे लंबा ब्रिज है। जिससे आने वाले समय में गुड्स ट्रेन का परिचालन होना है। इसके बनने से यात्री ट्रेनों की बिलम की स्थिति में तो सुधार होगा लेकिन चार साल से इस कार्य के चलते आम जनता किस तरह परेशान हो रही है,हम आपको बता रहे है।

अपने वाहनों को लोगो को बड़े बड़े गड्ढों से बचा के ले जाना पड़ रहा है। लगभग तीन सालों से इस रास्ते से निकलने वाले लोग प्रचंड गर्मी के दिनो से यहां से निकलने वाले वाहनों द्वारा इन बड़े बड़े गड्ढों की धूल खाने पर विवश है।

बात करे तो इस रास्ते से रोजाना हजारों लोगो का आवागमन होता है। जिसमे हजारों रेल कर्मचारी रोजाना अपनी ड्यूटी पर रेल यार्ड के लिए जाते है। बड़ी बात यह है। की इस रास्ते से ही रेल कर्मी का परिवार का रोजाना बाजार आना जाना होता है। एवम रोजाना हजारों बच्चे स्कूल जाने के लिए इसी रास्ते का इस्तमाल करते है। इसी रास्ते से रेलवे में पदस्थ जिमेदार अधिकारीयो का भी रोजाना निकलना होता है।

बात करे तो गायत्री नगर रेलवे ब्रिज से सिविल लाइन मोड़ तक रास्ते के परचख्खे उड़े हुए है,और इस रास्ते में एक एक फुट के गड्ढे मोजूद है,लेकिन रेलवे के जिमेदार अधिकारियो ने इस और ध्यान नही दिया आने वाली बारिश यहां से निकलने वाले स्कूल के बच्चो और अन्य लोगो के लिए यह रास्ता शाप बनेगा। इसी रास्ते पर दो रेल अंडर ब्रिज मोजूद है जो बारिश में ओवरफ्लो हो जाते हैं।

बहरहाल इस विकट समस्या को लेकर स्थानीय पार्षद आकाश जयसवाल ने स्थानीय सांसद विष्णु दत्त शर्मा से पत्राचार कर इस रास्ते पर पेच वर्क लगाने का आग्रह किया था साथ ही इस रास्ते को लेकर जिला कलेक्टर अवि प्रसाद ने भी विधानसभा चुनाव के पहले रेल एरिया मैनेजर से मीटिंग कर इस रास्ते पर पैच वर्क करने हेतु कहा था उसके बावजूद रेलवे के इस रास्ते के ना ही गड्ढों को भरा गया। और ना ही इस रास्ते पर मोजूद गड्ढों का पेच वर्क किया गया आने वाली बारिश में इस रास्ते पर स्कूली बच्चों के साथ-साथ अन्य लोग भी चोटिल होते जरूर नजर आने वाले है।

 

 

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