
कटनी जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर यशवंत वर्मा के कार्यकाल में लगातार एक के बाद एक बड़ी-बड़ी घटनाएं जिला अस्पताल की सामने आई बावजूद इसके नोटिस और जांच मैं ही कार्यवाही उलझी रही और डॉक्टर सिविल सर्जन को अभय दान मिलते चला गया। लगातार मीडिया की सुर्खी बने डॉक्टर सिविल सर्जन यशवंत वर्मा के ऊपर कार्यवाही ना होना भी एक सवाल बना हुआ है।
साधना परस्ते एडीएम कटनी जांच अधिकारी
बात करें तो हाल ही में एक शिकायती पत्र जिला कलेक्टर के नाम का महिला डॉक्टर का सामने आया था पत्र में महिला डॉक्टर ने प्रताड़ना के आरोप लगाए थे तो वहीं दूसरी तरफ अब स्टाफ नर्सो का भी शिकायती आरोप पत्र मानसिक प्रताड़ना का सामने आया है। जिसमें उल्लेख है। नर्सिंग एसोसिएशन के आह्वान पर विधानसभा चुनाव के पहले अपनी मूलभूत मांगों को लेकर जून 2023 में चरणबद्ध तरीके से नर्सिंग ऑफिसर एवम नर्शो ने हड़ताल की थी। वही इस हड़ताल को प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर समाप्त किया गया। जिला अस्पताल में पदस्थ नर्सो का आरोप है। कि जिला अस्पताल में पदस्थ 103 नर्सो में से 35 नर्सो की सेलरी नही काटी गई ना ही इनकी वेतन वृद्धि रोकी गई जबकि इन सभी नर्सो के साइन हड़ताल के समय अटेंडर रजिस्टर पर नहीं है। पत्र में जिला अस्पताल की नर्सो का आरोप है। डॉक्टर सिविल सर्जन यशवंत वर्मा द्वारा कहा गया मेरा जिसको मन करेगा सैलरी उसी को दी जाएगी।
बहरहाल उसके बाद NQAS का बजट सरकार द्वारा सभी नर्सों एवं अन्य स्टाफ के लिए आया था लेकिन उसमे जिला अस्पताल की नर्सो को वांछित रखा गया नर्सो का आरोप यह भी है की उन पेसो का लाभ सिर्फ सिविल सर्जन के चहेते स्टाफ को दिया गया। जिसमे कुछ जिला अस्पताल में कार्यरत ही नही है। उन्हे 10 हजार से 5 हजार की राशि दी गई। इस बात को लेकर अब जिला अस्पताल की नर्स मानसिक प्रताड़ना से गुजर रही है।
हालाकि पत्र का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर अवि प्रसाद ने जांच साधना परस्ते एडीएम कटनी को सौंपी है।






