
कटनी (5 अगस्त) – निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार द्वारा समय सीमा की बैठक में दिए निर्देश के तहत शहर में संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम कर आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को नगर निगम कटनी द्वारा फायर सेफ्टी को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान गठित फायर सेफ्टी दल द्वारा बरगवां से माधवनगर मार्ग स्थित बहुमंजिला भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं चिकित्सालयों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों पर अग्नि सुरक्षा मानकों सम्बन्धी कमियां पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध नोटिस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
चार प्रमुख प्रतिष्ठानों का हुआ निरीक्षण
नगर निगम उपयंत्री हिमांशु गौतम एवं अतिक्रमण प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि जांच दल ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल, बरगवां स्थित इलेक्ट्रिक स्कूटी एजेंसी (भवन स्वामी मनोज प्यासी), माधवनगर गेट स्थित मनु शिवहरे बिल्डिंग तथा गोलू रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। इस दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, भवन के उपयोग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था एवं आपातकालीन निकास मार्गों की गहन जांच की गई।
फायर ऑडिट, हाइड्रेंट और अलार्म व्यवस्था में मिली कमियां
निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों में फायर ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध नहीं पाई गई। इसके अलावा कई स्थानों पर हाइड्रेंट सिस्टम, फायर अलार्म तथा आपातकालीन प्रवेश एवं निकास (एंट्री-एग्जिट) व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। गठित दल ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई प्रारंभ करते हुए आवश्यक सुधार तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए विस्तृत समझाइश भी दी।कार्यवाही के दौरान उपयंत्री हिमांशु गौतम, अतिक्रमण प्रभारी महेंद्र सिंह, प्रभारी फायर निरीक्षक शैलेंद्र दुबे सहित नगर निगम की फायर एवं अतिक्रमण शाखा का अमला मौजूद रहा।
सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं, अभियान रहेगा जारी
निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने शहर के सभी अस्पताल, कोचिंग संस्थान, मॉल, बहुमंजिला भवन एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों से फायर सेफ्टी सहित सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम का यह विशेष जांच अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा जहां भी अनियमितताएं अथवा भवन का गलत प्रयोजन पाया जाएगा, वहां संबंधित भवन स्वामी एवं संचालक के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जायेगी







