
कटनी। शहर में ई-व्हीकल, विशेषकर ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन वाहनों के संचालन के लिए बैटरियों की नियमित चार्जिंग आवश्यक होती है, लेकिन इसी बीच कुछ ई-रिक्शा चालक अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर बैटरियां चार्ज करते पाए गए हैं। ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (एमपीईबी) ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर संभाग कटनी के कार्यपालन अभियंता मुकेश महोबे ने जानकारी देते हुए बताया कि अवैध विद्युत उपयोग रोकने के लिए विभागीय टीमों का गठन कर लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। पिछले तीन माह के दौरान 62 ई-रिक्शा चालकों के विरुद्ध बिजली चोरी के मामले दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान तैयार किए गए पंचनामों के आधार पर कुल 2.27 लाख यूनिट की बिलिंग की गई है तथा नियमानुसार 32.85 लाख रुपये का जुर्माना आरोपित किया गया है।
विद्युत विभाग ने सभी ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि वे अपनी बैटरियों की चार्जिंग केवल मीटरयुक्त विद्युत कनेक्शन के माध्यम से करें अथवा शहर में स्थापित अधिकृत ई-चार्जिंग स्टेशनों का ही उपयोग करें। विभाग का कहना है कि अवैध रूप से बिजली का उपयोग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे विद्युत व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है कार्यपालन अभियंता ने बताया कि विभाग द्वारा ऐसे ई-रिक्शा चालकों की जानकारी एकत्रित की जा चुकी है। जिन उपभोक्ताओं की बिजली खपत संदिग्ध पाई जाएगी, उनके विरुद्ध जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
एमपीईबी ने सभी उपभोक्ताओं एवं ई-रिक्शा चालकों से विद्युत नियमों का पालन करने तथा अवैध बिजली उपयोग से बचने की अपील की है, ताकि किसी भी प्रकार की दंडात्मक एवं कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।






