
पन्ना।अजयगढ़ जनपद क्षेत्र के बिहरपुरवा के कड़रहा गांव में हुए दर्दनाक कुआं हादसे, जिसमें पांच मजदूरों की मौत हो गई थी, को लेकर लोगों का आक्रोश अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस हादसे को लेकर जहां ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन किया, वहीं अब समाजवादी पार्टी भी खुलकर पीड़ित परिवारों के समर्थन में उतर आई है। प्रशासन द्वारा सरपंच समेत तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज करने, पंचायत सचिव को निलंबित करने और रोजगार सहायक को बर्खास्त करने की कार्रवाई के बावजूद सपा ने इसे अधूरी कार्रवाई बताया है। पार्टी का आरोप है कि इस हादसे के असली जिम्मेदार अधिकारियों को अब तक बचाया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने बैठक कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
समाजवादी पार्टी के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष जय राम यादव के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कुआं हादसे को लेकर अहम बैठक आयोजित की। बैठक के बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए सपा नेताओं ने कहा कि मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्य में केवल सरपंच या स्थानीय कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है।
सपा का कहना है कि मनरेगा के तहत होने वाले निर्माण कार्यों की निगरानी और तकनीकी स्वीकृति की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होती है। ऐसे में जनपद सीईओ, सब इंजीनियर, एसडीओ और मनरेगा से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उन्हें भी मुख्य आरोपी बनाया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने अब तक केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले की लीपापोती करने का प्रयास किया है।
समाजवादी पार्टी ने हादसे में जान गंवाने वाले पांचों मजदूरों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, स्थायी आवास और कृषि योग्य भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। पार्टी का कहना है कि परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्यों को खोया है, इसलिए सरकार को उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए।






