कटनी बरही: तीन साल बाद भी रैन बसेरा बंद! ठंड में बुज़ुर्ग खुले आसमान के नीचे “नगर परिषद पर लापरवाही के सवाल तेज” 

कटनी। बरही नगर की स्थिति आज एक गंभीर सामाजिक और मानवीय समस्या को उजागर कर रही है। बरही के आसपास लगभग 300 गाँवों की दैनिक आवश्यकताएँ इसी क्षेत्र से पूरी होती हैं, लेकिन कड़कड़ाती ठंड में भी यात्रियों के लिए एक भी समुचित प्रतीक्षालय या रैन बसेरा संचालित नहीं हो रहा। यह स्थिति नगर परिषद की जवाबदेही पर बड़ा प्रश्न उठाती है और जनता के प्रति उपेक्षा को दर्शाती है।

तीन वर्ष पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल ने पद संभालते हुए विकास के अनेक वादे किए थे। राहगीरों की सुविधा के लिए रैन बसेरा निर्माण की घोषणा भी इन्हीं वादों में शामिल थी जिसका उद्देश्य ठंड, बारिश व मौसम की मार से असहाय लोगों को राहत देना था।

गौरतलब है कि बरही चौराहे के पास, खितौली मार्ग स्थित श्री राम मेडिकल के समीप रैन बसेरा भवन तैयार हो चुका है। इसके बावजूद ठेकेदार का भुगतान न होने के कारण नगर परिषद ने अब तक इस भवन का उद्घाटन और संचालन शुरू नहीं किया। परिणामस्वरूप रैन बसेरा पूरी तरह बंद है और भवन पर ताला लटका हुआ है। यात्रियों को न बैठने की सुविधा मिल रही है, न गर्माहट के साधन, न ही चादर जैसी बुनियादी आवश्यकताएँ।

इसी बीच यह मार्मिक खबर सामने आई कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने एक विकलांग बुज़ुर्ग ठंड में खुले आसमान के नीचे पड़ा मिला। यह दृश्य न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोरता है बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की भी स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।

जनता की अपेक्षा है कि नगर परिषद तत्काल भुगतान सम्बंधी अड़चनों को दूर कर रैन बसेरे का संचालन शुरू करे, ताकि ठंड के मौसम में जरूरतमंदों, राहगीरों और यात्रियों को राहत मिल सके। समय रहते कदम न उठाए गए तो यह स्थिति एक गंभीर मानवीय संकट का रूप ले सकती है।

बहरहाल, नगरवासियों द्वारा रैन बसेरे का तत्काल उद्घाटन, नियमित देखरेख और ठंड से राहत के समुचित साधन उपलब्ध कराने की मांग तेज होती जा रही है।

 

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